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संकट बढ़ा, टैंकर कम

इंदौर. tanker बढ़ती गर्मी के साथ जलसंकट भी बढ़ता जा रहा है। इससे टैंकर भी कम पड़ने लगे हैं। अधिकारी मानते हैं तालाबों से भी ज्यादा दिन तक पानी नहीं मिल पाएगा। शहर में फिलहाल निगम के 45 और किराए के 160 टैंकर दौड़ रहे हैं।

जलकार्य समिति प्रभारी देवकृष्ण सांखला के मुताबिक एक टैंकर दिन में चार-पांच फेरे लगता है। जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, टैंकर भी बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर कई पार्षद टैंकर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। बाणगंगा, मिल क्षेत्र, पालदा, चितावद, द्वारकापुरी, समाजवाद इंदिरानगर, पत्रकार कॉलोनी, तिलकनगर, रवींद्रनगर, महावीरनगर सहित दर्जनों कॉलोनियों में किल्लत ज्यादा है।

टैंकर वाले होटलों पर मेहरबान
बस्तियों के लिए मुकर्रर टैंकर होटलों को बेचने की कई शिकायतें निगम को मिल रही हैं। यह बात महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा और श्री सांखला भी स्वीकारते हैं। टैंकरों पर निगरानी के लिए अधिकारियों की समिति भी बनाई थी। अब पार्षदों की समिति गठित करने पर विचार चल रहा है। हालांकि जब तक यह समिति काम शुरू करेगी, तब तक शायद गर्मी ही बीत जाए।

पीपल्यापाला से ही भरते थे 200 टैंकर
पिछले साल तक पीपल्यापाला तालाब के पास बने हाईड्रेंट से ही 200 टैंकर रोज भरते थे क्योंकि तालाब भरा रहने से आसपास के बोरिंग भी नहीं सूखते थे। अब रीजनल पार्क विकसित करने के लिए तालाब पूरी तरह खाली कर दिया गया, जिससे बोरिंग भी सूख गए। अब वहां से 20-22 टैंकर पानी ही मिल रहा है। इसी तरह यशवंतसागर की चैनल से रोज 50 लाख गैलन पानी दिया जा रहा है। यह सिलसिला भी आठ दिन ही चल पाएगा।





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