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बीओटी से बनेगा 300 करोड़ का हैबिटेट सेंटर

ग्वालियर. ग्वालियर में प्रस्तावित हैबिटेट एन्ड ट्रेड सेंटर बिल्ट आपरेट एंड ट्रांस्फर (बीओटी) स्कीम के अंतर्गत तैयार किया जाएगा। इसके लिए आईआईडीसी के संचालक मंडल ने सहमति दे दी है। गत 30 अप्रैल को इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलमेंट कापरेरेशन (आईआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में ग्वालियर पॉटरीज की भूमि पर प्रस्तावित हैबिटेट एन्ड ट्रेड सेंटर प्लान पर विस्तार से चर्चा हुई।

आईआईडीसी के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, व संचालक मंडल के सदस्य व उद्योग आयुक्त दीपक खांडेकर सहित अन्य अधिकारियों के समक्ष इस योजना का प्रजेंटेशन किया गया। टैक्नो इकानॉमिक फिजबिलिटी रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई।

आईआईडीसी अधिकारियों के अनुसार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के अंतर्गत इसका निर्माण कराने का निर्णय लिया गया लेकिन संचालक मंडल ने बिजनेस शेयरिंग व प्रापर्टी (एरिया) शेयरिंग के आप्शन को खारिज कर दिया। संचालक मंडल ने बीओटी स्कीम के अंतर्गत इसका निर्माण कराने पर सहमति व्यक्त की। इसके अंतर्गत देश की किसी प्रतिष्ठित बिल्डर कंपनी को बिड आफर के जरिए इसके निर्माण का ठेका दिया जाएगा।

ठेका लेने वाली फर्म यहां होटल, कनवेंशन सेंटर, हैबिटेट सेंटर सहित सभी निर्माण कार्य में पूंजी निवेश करेगी और 30 साल तक लीज पर इसे चलाएगी। इसके एवज में आईआईडीसी को निर्धारित मासिक शुल्क भी मिलेगा। 30 साल बाद यह सेंटर राज्य शासन के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

आईआईडीसी अधिकारियों के अनुसार जिस फर्म का टर्न ओवर 200 करोड़ रुपए से अधिक होगा, उसे टेंडर के जरिए इसका ठेका दिया जाएगा। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट को बिड आफर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बिड आफर की शर्तो में संचालक मंडल के सुझावों को शामिल किया जाएगा।

1000 करोड़ का पूंजी निवेश संभावित
हैबिटेट एन्ड ट्रेड सेंटर के लिए आईआईडीसी ने मै. फेयरबुड कंसल्टेंड प्रा.लि. नई दिल्ली से अनुबंध किया है। इस संस्था ने हैबिटेट सेंटर के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया है। आईआईडीसी के अनुसार सेंटर तैयार होने पर इसमें 1000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश संभावित है। इससे लश्कर क्षेत्र का तेजी आर्थिक विकास होगा।





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