HomeNewsPunjabJalandhar Jalandhar

मिलकर प्रयास करें, ताकि जन-जन की प्यास बुझे

जालंधरजल ही जीवन है और जीवन के लिए जल बचत जरूरी है। कुछ इसी तर्ज पर दैनिक भास्कर ने चलाया है जल सत्याग्रह, जिसे मिल रहा है जबरदस्त रिस्पांस। इस अभियान के तहत अभी तक 36 से ज्यादा स्कूलों के सैकड़ों स्टूडैंट्स, पेरैंट्स व टीचर्स जल सेना में शामिल हो चुके हैं।

इसी कड़ी में शुक्रवार को जल रिपोर्टर्स की टीम पहुंची तीन नए स्कूलों में, जहां वाटर सेविंग से जुड़ी जानकारियां दीं और बच्चों को वाटर सेविंग के लिए शपथ दिलाई।

पहला पड़ाव कें द्रीय विद्यालय नंबर चार रहा। यहां की स्टूडैंट दीक्षा ने जल, जीवन और जरूरत से जुड़े पहलुओं पर बखूबी लैक्चर किया। दीक्षा का कहना था कि ग्राउंड वाटर लैवल आज से ही नहीं, बल्कि पिछले पांच वर्षो से नीचे जा रहा है। ऐसे में एक भी साल ऐसा नहीं गया है, जब हमने ग्राउंड लैवल को ऊंचा उठाने के सफल प्रयास किए हों। उसने कहा कि अब राइट टाइम है जब हमें संभलने की जरूरत है और इसके लिए जरूरी है वाटर सेविंग टिप्स की जानकारी होना।

यहां दैनिक भास्कर की तरफ से जल सत्याग्रह से जुड़े पैम्फलैंट्स भी बांटे गए। यहां उपस्थित स्टूडैंट्स, टीचर्स व पेरैंट्स ने मिलकर पानी बचाने की शपथ ली। दूसरा पड़ाव सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल नंगल करार खां रहा। सबसे पहले यहां प्रैजेंटेशन देते हुए जल रिपोर्टर ने बताया कि पानी की स्थिति कैसे देश-विदेश में खराब होती जा रही है। इसलिए इसे बचाना हर किसी की जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में प्रदेश में पानी का स्तर काफी नीचे जा चुका है।

जल सेना का तीसरा पड़ाव सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल धीना पहुंची। यहां स्टूडैंट्स क ो प्रैजेंटेशन दी गई व देश तथा राज्य में पानी की स्थिति के बारे में बताया गया। स्टूडैंट्स को बताया गया कि पानी के बिना जीना दुश्वार हो जाएगा। इसलिए जब वह नहाए तो उतना ही पानी इस्तेमाल करें जितनी जरूरत हो। शावर लेते समय साइड पर बाल्टी रखें, ताकि आसपास गिरने वाला पानी इसमें इक ट्ठा हो।

सबका यह फर्ज बनता है कि कुदरत के दिए अनमोल तोहफे को जाया न करें। इसके बगैर जीवन असंभव है। इसलिए सबको पानी बचाना चाहिए।

- दुर्गेश नंदिनी, टीचर सेंट सोल्जर, धीना

हम स्कूल में पानी को बचाने के लिए लैक्चर कराएंगे। हमें वाटर हार्वैस्टिंग का तरीका अपनाना चाहिए, ताकि बारिश के पानी को सेव करके उसे यूज किया जाए।

आरके बांसल, प्रिंसीपल, सेंट सोल्जर, धीना

धार्मिक स्थलों पर भी पानी की बहुत खपत होती है। पानी को जरूरत के हिसाब से यूज नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब पानी के लिए लड़ाइयां होंगी।

प्रभजीत, केवी-4





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: