जयपुर. बागवानी मिशन के अनुदान में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले आईएएस अधिकारी आर एस गठाला ने एक वर्ष पहले ही मुख्य सचिव को पत्र लिख कर गड़बड़ियों की जानकारी दे दी थी। साथ ही उन्होंने कलेक्टरों को अर्धशासकीय पत्र लिखकर सामाजिक अंकेक्षण के जरिए किसानों को दिए जाने वाले अनुदान की जांच करने के लिए निर्देश दिए थे।
गठाला ने उद्यान सचिव पद पर रहते हुए 3 अप्रैल, 07 को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत कराया कि उद्यान विभाग के सहायक निदेशक के विरुद्ध प्रमुख सचिव के एफआईआर के निर्देश के बावजूद राजनीतिक दखल के चलते आदेशों की पालना में देरी की गई। उन्होंने निदेशक उद्यान को पद से हटाकर निष्पक्ष जांच की अनुशंषा की थी।
उन्होंने पत्र में झालावाड़ में हुई अनियमितताओं में सहायक निदेशक को बचाने, पौधों की खरीद में वित्तीय नियमों का उल्लघंन कर राजकीय हानि पहुंचाने, श्री माधोपुर की नर्सरी द्वारा टोंक एवं चित्तौड़गढ़ में की गई धोखाधड़ी बाबत किसानों को नुकसान होने की बात मानने पर भी नर्सरी को ब्लेक लिस्ट नहीं कर संरक्षण देने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि खासतौर से मसाला फसलों में कीटनाशी अनुदान में अनियमितता हुई हैं, जिसकी जांच नहीं कर कीटनाशी डीलरों की लॉबी को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।
गठाला ने पत्र में उल्लेख किया कि अधिकारियों के बारे में रिश्वत लेकर जांच को प्रभावित करने की जानकारी भी सामने आई है। यह प्रकरण विभाग द्वारा कराई गई विशेष अंकेषण रिपोर्ट में उजागर हुआ है। इसकी जांच तीन अधिकारियों की कमेटी द्वारा करवाने पर सहायक निदेशक उद्यान और अन्य अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाए गए थे।
पत्र में इस बात का भी खास उल्लेख किया गया कि ज्यादा रुपये लेकर भी पोलीथिन पैकिंग के स्थान पर मुजेठी पैकिंग में पौधे उपलब्ध कराए गए। इससे ये पौधे सूख गए। मुजेठी पैकिंग आधी कीमत में ही उपलब्ध होती है। गठाला ने इससे पहले मार्च, 2007 में विभिन्न जिलों की सहकारी समितियों को लिखे पत्र में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं होने का उल्लेख भी किया।
अब सैनी नहीं मिलना चाहते भाभड़ा से
बागवानी मिशन प्रकरण के बाद चर्चा में आए कृषिमंत्री प्रभुलाल सैनी वरिष्ठ भाजपा नेता हरिशंकर भाभड़ा से मिलने के इच्छुक नहीं हैं। भाभड़ा इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। इससे पहले सैनी पर आरोप लगाने वाले आईएएस अफसर आर.एस. गठाला ने भी भाभड़ा से मिलने से इनकार कर दिया था। सैनी ने कहा है कि भाभड़ा को जो भी जानकारी चाहिए, वे विभाग से ले लें।
उनके पास कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में कोई निर्देश मिलेंगे तो वे भाभड़ा से जरूर बात करेंगे। वैसे उन्होंने कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव को जांच के आदेश दिए हैं। सैनी ने कहा कि उनके साथ राजनीतिक साजिशपूर्ण तरीके से विश्वासघात किया गया है। इसके तहत ही इतना बड़ा असत्य और आधारहीन आरोप लगाया गया है। सैनी ने उनके खिलाफ साजिश रचने वाले लोगों के बारे में किसी का भी नाम लेने से इनकार कर दिया।
कोई फाइल नहीं आई
कृषिमंत्री ने कहा कि कीटनाशक अनुदान संबंधी गड़बड़ी के मामले में गठाला की ओर से भेजी गई कोई फाइल या नोटशीट कभी मेरे सामने नहीं आई।
मैं सब पता कर लूंगा
>> मुझे पता नहीं कोई क्या कहता है। मुझे जो पूछना है, वह मैं अपने हिसाब से पूछ लूंगा और जांच कर लूंगा।
हरिशंकर भाभड़ा उपाध्यक्ष, आर्थिक नीति एवं सुधार परिषद
काले कपड़ों पर रंग नहीं लगाता
>> सफेद कपड़ों पर रंग लगाना सभी को अच्छा लगता है। काले कपड़ों पर कोई रंग नहीं लगाता, चाहे राजनीति हो या होली।
प्रभुलाल सैनी कृषि मंत्री
भाभड़ा संगठन नहीं, सरकार के रूप में कर रहे हैं जांच : माथुर
>> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने कहा है कि हरिशंकर भाभड़ा संगठन की ओर से नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले की जांच कर रहे हैं। माथुर के अनुसार भाभड़ा आर्थिक नीति एवं सुधार परिषद के उपाध्यक्ष होने के नाते सरकार की ओर से जांच कर सकते हैं।
ओमप्रकाश माथुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष