अमृतसर
साक्षी भले ही फिजिकली अनफिट हंै, लेकिन उन्होंने जो कर दिखाया है उसे देखकर कुदरत भी हैरान होगा। आज फैशन डिजाइनिंग में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है व उन जैसी तमाम युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
आंखों में एक सपना, मन में उमंग और दिल में ऊंची उड़ान भर लेने की जिजीविषा.. इसे जमीनी रूप दिया है साक्षी खोखर ने। भले ही कुदरत ने उनको फिजिकली अनफिट बनाया है, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लेकर फैशन डिजाइनिंग में ऐसा मुकाम पाया कि भविष्य में वह इस फील्ड की शाहरुख खान बनने की चाह रखती हैं।
साक्षी देश-विदेश में अब तक 24 एग्जीबिशन लगा चुकी हैं। उनके कई कस्टमर अमरीका और कनाडा के हैं। उन्हें वह यहां से कपड़े डिजाइन करके भेजती हैं। इसके अलावा वह देश में दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर आदि कई बड़े शहरों में एग्जीबिशन लगा चुकी हैं।
..और मिसाल बन गईं
बचपन से टांगों में प्राब्लम होने के कारण उनको चलने-फिरने के लिए बैसाखियों की जरूरत पड़ती है। फैशन डिजाइनिंग में 8 साल से काम कर रही साक्षी कहती हैं कि उनकी कोशिश बैस्ट इनपुट देने की ही रहती है। वह हमेशा कुछ अलग और नया करने को तवज्जो देती हैं। वह आज उन लोगों के लिए मिसाल हैं, जो शारीरिक रूप से अनफिट होने के कारण जिंदगी से निराश हो चुके हैं।
जिंदगी जिंदादिली का नाम है
‘जिंदगी जिंदादिली का नाम है मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं’ इसी सोच की धनी साक्षी अपने मिशन से न तो भटकीं और न ही परेशानियों से निराश हुईं। उन्होंने हमेशा दृढ़ इच्छाशक्ति से काम किया है।
सबसे अलग
उनका कहना है कि शादी से पहले माता-पिता उनके गुरु थे, तो शादी के बाद सास-ससुर और पति। पति ने हर मुश्किल में उनका साथ दिया।