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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़रक्षा विभाग के टॉयलेट्स के हांडे, पेन्स, मलबा ढोने के टेंकर बेचने वाले अधिकारी को डिफेंस एस्टेट कार्यालय ने डिप्टी डायरेक्टर जनरल (डीडीजी) डिफेंस एस्टेट विजिलेंस का जिम्मा सौंपा है। डिफेंस एस्टेट डिपार्टमेंट के अफसर सुरेश चंद कौशिक ने नसीराबाद में आठ अक्टूबर 1989 को टॉयलेट्स में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर 7 हजार में बेचने की कोशिश की थी।
पुलिस ने दोनों को सामान के साथ पकड़कर मामला दर्ज किया था। इसके बाद कौशिक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए जोधपुर हाईकोर्ट से सीआरपीसी 197 के तहत उसके खिलाफ मामला चलाने के लिए सरकार से अनुमति लेने की अपील की थी। कौशिक ने कोर्ट में शपथ पत्र दिया कि वह सरकारी ड्यूटी निभा रहा था। हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 07 को दिए फैसले में कौशिक को फटकार लगाई और सीआरपीसी 197 के तहत स्टे की मांग खारिज कर दी। यही नहीं, हाईकोर्ट ने ड्यूटी में कोताही बरतने के लिए उसके खिलाफ आपराधिक मामला चलाने के आदेश लोअर कोर्ट को दिए थे।
क्या काम है डीडीजी का
डिपार्टमेंट में होने वाली तमाम अनियमितताओं की जांच डिप्टी डायरेक्टर जनरल विजिलेंस (डीडीजी) ही करवाता है। इस पद पर अब सुरेश चंद कौशिक को लगाया गया है जबकि वह खुद ही कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपी है।