सोनीपतखिलाड़ियों की जी तोड़ मेहनत, बेहतर आपसी तालमेल और अब सबसे अहम ओलंपिक एसोसिएशन आफ इंडिया का गंभीर कदम। तो क्या अब हम मानें कि भारतीय हॉकी का सवेरा होने का समय आ रहा है। जोशी चौहान स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्र केन्द्र के नवनिर्मित एस्ट्रो टर्फ पर मलेशिया में आठ अप्रैल से होने वाले अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट की तैयारी को देखकर तो यही लगता है।
पुरुष एवं महिला हॉकी के ओलंपिक की दौड़ से बाहर होने के बाद तथा हॉकी संघ के पूर्व महासचिव ज्योतिकुमारन द्वारा हाकी को ‘बेचने’ से घनघोर अंधकार के भंवर में फंसी भारतीय हॉकी एक नई सुबह की उम्मीद के साथ अपनी तैयारियों में जुट गई है। 20 दिन से भारतीय हॉकी के सितारे यहां प्रशिक्षक अजय बंसल की देखरेख में अपना पसीना बहा रहे थे।
शिविर रविवार को संपन्न हुआ। खिलाड़ियों में एक जनून सवार है,ओलंपिक क्वालिफाई में न पहुंच पाने से जो कालिख भारतीय हॉकी पर लगी है,उसे अपने प्रदर्शन से हर-हाल में धो देना है।
जीत जाएंगे हम :
भारतीय टीम के सीनियर पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ एवं ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह ने कहा है हॉकी उनके खून में है। कुरुक्षेत्र में एक हादसे के दौरान गोली लगने से घायल होने के बाद किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के हिस्स बने शाहबाद के संदीप सिंह ने कहा कि वे मानसिक एवं शारीरिक रूप से फिट हैं। भारतीय टीम के कमजोर पहलू , पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलने की कला पर भी इस बार खास मेहनत की गई है।
पहले स्थान पर आने की होगी कोशिश :
भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक अजय कुमार बंसल ने कहा कि बीते वर्ष भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार कोशिश पहले स्थान आने की है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक क्वालिफाई से टीम के बाहर होने से खिलाड़ी निराश अवश्य है, लेकिन टूटे नहीं है।
हरियाणवी भी टीम में :
टीम में हरियाणा के तीन खिलाड़ियों ने भी जगह बनाई है। टीम में हरियाणा के ड्रैग फ्लिकर संदीप, रणजीत सिंह और सोनीपत का अजीत आंतिल है। टीम की कमान तुषार खांडेकर के हाथों में है।
एयरपोर्ट जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं :
सचमुच ये हालात भारतीय हॉकी टीम के साथ ही हो सकते हैं। सोमवार की सुबह भारतीय टीम को टूर्नामेंट के लिए दिल्ली रवाना होना है। टीम को दिल्ली हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए टीम प्रबंधन को मीडिया से कहने पर मजबूर होना भारतीय हॉकी की धुंधली तस्वीर प्रदर्शित करता है। वैसे भी नवनिर्मित एस्ट्रो टर्फ मैदान के लिए पानी की कमी और अभ्यास के दौरान गर्म पानी पीने को मजबूर खिलाड़ी परेशान दिखे।