नई दिल्ली. संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में संभवत: मंगलवार को राज्यसभा में विधेयक पेश किया जाएगा। लेकिन, विधेयक को लेकर संसद के बाहर हंगामा हो रहा है और भीतर भी हंगामे के आसार हैं हालांकि सरकार को उम्मीद है कि इस विधेयक पर सहमति बन जाएगी।
महिला आरक्षण बिल की मंजूरी की मांग को लेकर सोमवार को महिला संगठनों के जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी संसद के गेट नंबर एक पर थे जहां उन्होंने सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश भी की लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया।
दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख शरद यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर इस विधेयक पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इस ड्राफ्ट में बिल को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यादव ने हंगामे की साफ धमकी दे दी है। वहीं, पूरा विपक्ष इस बिल का विरोध करने के लिए तैयार है।
हालांकि कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज का कहना है कि बिल संसद में पेश होगा और इस पर आम सहमति बना ली जाएगी।