लंदन. यदि आप उच्च रक्तचाप और तनाव से पीड़ित हैं तो दवाओं पर पैसा बहाने की बजाए किसी मंदिर में जाकर भजन-कीर्तन में हिस्सा लें।
डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट में ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि लोगों को प्राणायाम की शिक्षा देने तथा भजन-कीर्तन या मंत्रोच्चर जैसी धुन का प्रयोग करने पर उनमें तनाव का स्तर कम हुआ और उनकी भावनात्मक स्थिति सकारात्मक हुई। शोधकर्ताओं ने इस तथ्य की पुष्टि के लिए कि चर्च में पुरुष गान समूहों में गाए जाने वाले ग्रेगोरियन पद्धति के भजन से तनाव कम होता है, वियना के प्राचीन ईसाई मठ के भिक्षुओं के दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर पर 24 घंटे तक निगाह रखी। भजन के दौरान दोनों न्यूनतम स्तर पर पाए गए।
* ग्रेगोरियन पद्धति के भजन का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह तनाव घटाकर व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ा सकता है।
- डॉ. एलैन वाटकिंस, वरिष्ठ व्याख्याता, न्यूरोसाइंस, इंपीरियल कालेज लंदन