भोपालराज्य सरकार ने वर्ष 2001 में नियुक्त संविदा शिक्षकों को भी अध्यापक संवर्ग में नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए है। इसका लाभ लगभग पच्चीस हजार से अधिक संविदा शिक्षकों को मिलेगा। इसी तरह लगभग 28 हजार गुरुजियों को संविदा शिक्षक बनाने के लिए सरकार ने विशेष परीक्षा का प्रावधान कर दिया है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले गुरुजियों को संविदा शिक्षक के पद पर नियुक्त किया जाएगा। उन्हें शुरुआत में 2855 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर दिए। इसके पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारी कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए बैठक ली। इसमें स्कूल शिक्षा मंत्री डा.गौरीशंकर शेजवार, उच्च शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा और मुख्य सचिव राकेश साहनी समेत अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में उपरोक्त निर्णय लिए गए। ये घोषणाएं मुख्यमंत्री मंगलवार को दोपहर ढाई बजे मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के स्नेह सम्मेलन में करने जा रहे है। मंत्रालय के सामने आयोजित संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन में सीएम के अलावा डॉ शेजवार और श्री मिश्रा भी मौजूद रहेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2001 के नियुक्त संविदा शिक्षकों की नियुक्ति एक अप्रैल 2007 से होगी और उनकी वरिष्ठता वर्ष 2003 में नियुक्त संविदा शिक्षकों के ऊपर निर्धारित की जाएगी। इन संविदा शिक्षकों के नियुक्ति आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा कि अध्यापक संवर्ग में इनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन सिविल अपील में पारित अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
गुरुजियों के लिए विशेष परीक्षा प्रदेश में कार्यरत गुरुजियों को नौकरी में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की गरज से सरकार उन्हें संविदा शिक्षक बनने के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करेगी। इसका आयोजन व्यवसायिक परीक्षा मंडल करेगा। इस परीक्षा में सफल होने वाले गुरुजियों को संविदा शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। उन्हें संविदा शिक्षक को शुरुआत में मिलने वाले वेतन में पंद्रह फीसदी राशि जोड़कर प्रारंभ से ही 2875 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा,लेकिन इसके लिए गुरुजी की न्यूनतम सेवा तीन वर्ष की होना अनिवार्य होगा। संविदा शिक्षक के लिए चयन होने के बाद तीन साल तक सफलता पूर्वक काम करने पर उन्हें अध्यापक संवर्ग में शामिल किया जाएगा।
ये भी परीक्षा में बैठ पाएंगे औपचारिकेत्तर शिक्षा केंद्रों के लगभग चार हजार पर्यवेक्षकों और अनुदेशक ों को भी गुरुजियों के साथ ही विशेष परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। उन्हें भी गुरुजियों की भांति व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा निर्धारित प्रारुप में आवेदन करना होगा।