विकास मंत्र यह एक अघोषित नियम है कि जो जोखिम नहीं उठाता, वह कभी आगे नहीं बढ़ता। अगर आप जोखिम नहीं उठाते हैं तो सही है कि आप खतरों से बचे रहेंगे, लेकिन आप उस नए रोमांच और अनुभव से भी हाथ धो बैठेंगे जो जोखिम के साथ सामने आते हैं। जीवन की सुंदरता और नएपन का आनंद जोखिम न उठाने वाला शख्स ले ही नहीं सकता। स्वयं गहरी खाई में गिर जाने की सोच मात्र से पहाड़ों पर डरकर न चढ़ने वाला शख्स ऊपर चोटी की खूबसूरत दुनिया देखने से महरूम ही रहता है।
स्थितियों से जुड़े अनजान भय को कुचलने का सबसे अच्छा तरीका तो यही है कि उसका डटकर सामना किया जाए। यह एक सचाई है कि इस दुनिया में हर किसी की क्षमता, प्रतिभा और शक्ति बराबर ही होती है। जो काम दूसरे सफल लोग कर सकते हैं वह हम भी कर सकते हैं। वे सफल इसलिए हो जाते हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी क्षमता, प्रतिभा और शक्ति का बेहतर इस्तेमाल किया होता है। सारा खेल इसी सोच का होता है कि आप जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए किस तरह तैयार हैं।
यह भी कतई न भूलें कि जिंदगी खतरों से भरी है। कितनी ही सावधानियां आप क्यों न बरतें, कितनी ही योजनाबद्ध ढंग से आप तैयारी क्यों न करें, इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आप शत-प्रतिशत सुरक्षित ही रहेंगे, क्योंकि तमाम चीजों पर हमारा नियंत्रण ही नहीं होता है। अत: आप सामने आने वाली घटनाओं, स्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहें।
बजाय किसी अनहोनी के या अनजान भय के स्थितियों का सामना करें। इसके बाद ही जिंदगी में सफलता आपके कदम चूमेगी। इसमें कोई शक नहीं कि जोखिम में नुकसान मिलने या नाकामी की संभावना भी रहती है। लेकिन इसके साथ ही जोखिम में सफलता और लाभ की संभावना भी निहित होती है।