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रफ्तार के जादूगर भारत के नारायण काíतकेयन ने ब्रैंड्स हैच (ब्रिटेन) में ए-1 ग्रैंड प्रिक्स के फाइनल मोटर रेस में ए-1 टीम इंडिया के लिए नया इतिहास रच दिया। मोटर स्पोर्ट्स में टीम इंडिया के लिए पिछला हफ्ता उपलब्धियों भरा रहा। टीम इंडिया ने पी-1 के लिए क्वालीफाई किया।
साथ ही टीम इंडिया ने रविवार को बेहद रोचक अंदाज में पहली बार ए-1 ग्रैं. प्रि. फाइनल रेस भी जीत ली। भारतीय ‘स्पीड ¨कग’ काíतकेयन ने इस फीचर रेस में शुरुआत में पिछड़ने के बाद मेजबान इंग्लैंड के रोबी केर को शिकस्त दी। कार्तिकेयन के शानदार प्रदर्शन के बलबूते टीम इंडिया पहली बार शीर्ष 10 टीमों में शामिल हो गई। इससे पहले काíतकेयन ने दिसंबर में चीन में हुई फीचर रेस में न्यूजीलैंड के जॉनी रीड को पछाड़कर प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
काíतकेयन ने कहा, ‘मैं रेस के नतीजे से बेहद खुश हूं। यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने जीत के लिए कड़ी मेहनत की थी। हमने इसे हासिल करके देश को गौरवान्वित किया है। इसके लिए मैं अपने सभी समर्थकों और सहयोगियों का शुक्रगुजार हूं।’
कार्तिकेयन की खास सफलताएं
2007: ए1 जीपी वल्र्ड चैंपियनशिप, ए1-टीम इंडिया, चीनी ग्रैंड प्रिक्स रेस विजेता।
2007 व 2006 : फार्मूला-1 वल्र्ड चैंपियनशिप, विलियम्स एफ-1 टीम, टेस्ट ड्राइवर ।
2005 : फार्मूला-1 वल्र्ड चैंपियनशिप, जोर्डन- 18वां स्थान।
2004 : फार्मूला निसान वल्र्ड सीरीज- छठा स्थान (टाटा आरसी मोटरस्पोर्ट)।
2003 : फार्मूला निसान वल्र्ड सीरीज- चौथा स्थान (कारलिन मोटरस्पोर्ट)। 2002 : फार्मूला निसान वल्र्ड सीरीज- नौवां स्थान (टाटा आरसी मोटरस्पोर्ट)। 2001: फार्मूला निपॉन-14वां स्थान (टीम इम्पुल)।
1996 : फार्मूला एशिया, चैंपियन ।
1996 : फार्मूला एशिया(4 रेस)।
1994 : ब्रिटिश फार्मूला फोर्ड विंटर सीरीज, चैंपियन।
हमारे लिए बीते हफ्ते में हासिल हुई उपलब्धियों से बढ़कर कुछ भी नहीं है। हम अपने मकसद में कामयाब रहे।’
-अंदलीब सहगल, ए-1 टीम इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी