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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़आईएएस अफसरों को अब उनकी सालाना परफॉरमेंस अपरेजल रिपोर्ट में विस्तार से बताया जाएगा कि वे शारीरिक तौर पर कितने फिट हैं। केंद्र सरकार ने 40 साल से ज्यादा उम्र वाले अपने सभी आईएएस अधिकारियों के लिए मेडिकल जांच जरूरी की है। इसका खर्च सरकार उठाएगी। प्राइवेट सेक्टर में ऐसी जांच का चलन पुराना है, परंतु आईएएस अफसरों के लिए ऐसा पहली बार किया गया है।
यह होगा असर : जांच में फिट न पाए जाने वाले अधिकारी को उनकी सर्विस एक्सटेंशन में दिक्कत आ सकती है। अगर वह शारीरिक तौर पर फिट नहीं है तो उन्हें ऐसी पोस्टिंग मिलने में भी दिक्कत आ सकती है जहां काम का ज्यादा बोझ हो। आईएएस अफसरों को ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, लिवर फंक्शन टैस्ट, किडनी फंक्शन टैस्ट, यूरिन, अल्ट्रा साउंड, शुगर, ब्लड प्रैशर, एक्स रे, ईसीजी समेत कई टैस्ट कराने होंगे। डॉक्टर को अफसर की ओवरऑल हैल्थ और हैल्थ प्रोफाइल ग्रेडिंग के बारे में भी बताना होगा।
..मानसिक जांच भी हो : इस फैसले पर एक सीनियर आईएएस का कहना था कि सरकार को अफसरों का मैंटल हैल्थ चैकअप भी अनिवार्य बनाना चाहिए। आज जैसा सिस्टम है उसमें अधिकारियों को भारी दबाव से गुजरना पड़ता है। मुख्य सचिव धर्मवीर ने कहा कि यह फैसला सराहनीय है। ज्यादातर अफसर नियमित मेडिकल जांच नहीं कराते। उन्हें अगर कोई बीमारी होगी तो समय रहते उसका पता चलेगा और इलाज भी हो सकेगा।
जांच के लिए सरकारी अस्पताल
मेडिकल जांच के लिए हरियाणा सरकार ने कुछ चिकित्सा संस्थान तय किए हैं। चंडीगढ़ में कार्यरत अधिकारी सेक्टर-3 स्थित हरियाणा एमएलए हॉस्टल डिस्पेंसरी, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 व सेक्टर-32 के सरकारी अस्पताल और पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में जांच करवा सकते हैं। सरकारी पैनल पर मौजूद निजी अस्पतालों में भी मेडिकल जांच करवाई जा सकेगी। जिलों में कार्यरत अधिकारी सीएमओ से मेडिकल जांच करवा सकते हैं।