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यमुना के थोड़े-से पानी में हजारों हुए धन्य

राई.सोमवती अमावस्या के दिन सोमवार को यमुना में पर्याप्त पानी नहीं होने से हजारों श्रद्धालुओं को निराश होना पड़ा। जलस्तर इस कदर कम था कि डुबकी लगाने योग्य पानी के लिए जेसीबी से खुदाई करनी पड़ी। हालांकि सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के आसपास बने गड्ढों में जमा प्रदूषित पानी को ही अपने शरीर पर छिड़क कर प्रतीक रूप से स्नान किया। सोमवार तड़के ही यमुना नदी के गढ़मिरकपुर घाट व मीमारपुर घाट पर बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचने लगे। लेकिन यमुना में पानी कम होने से श्रद्धालु काफी निराश थे।

सूखी नदी को देख कर श्रद्धालुओं की आस्था आहत थी। श्रद्धालुओं ने सूखी यमुना में दूर-दूर तक पानी तलाश लेकिन असफलता ही हाथ लगी। नदी की तलहटी में कुछ स्थानों पर पानीपत के नाले से आया गंदा पानी जमा था। श्रद्धालुओं ने उन गढ्ढों में ही अपनी आस्थावश पानी का छिड़काव कर प्रतीकात्मक रूप से स्नान किया और पूजा अर्चना की। कमोबेश यही स्थिति गढ़मिरकपुर घाट पर भी थी। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचने से शिव मंदिर कमेटी के महंत बाबा शीतल दास ने जेसीबी से यमुना की खुदाई कराई। यमुना की तलहटी में पानी का जलस्तर ऊपरी सतह पर आ गया। जयजयकार करते हुए श्रद्धालुओं ने जेसीबी की मदद से यमुना की तलहटी में खुदे तालाब में स्नान किया।

यमुना घाट पर लगा जाम :

सोमवती अमावस के दिन मीमारपुर व गढ़मिरकपुर घाट पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मीमारपुर रोड पर इस कारण आवागमन प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी- लंबी लाइन लगने ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई। मीमारपुर चौकी पुलिस ने वाहनों को निकलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

शिव मंदिर कमेटी ने कराई खुदाई

यदि गढ़मिकरपुर घाट पर स्थित शिव मंदिर कमेटी के बाबा शीतल दास ने बताया कि श्रद्धालुओं की परेशानी देख कर जेसीबी से खुदाई नदी में जहां नमी थी खुदाई कराई। श्रद्धालुओं की श्रद्धा देख यमुना ने अपना शीतल जल पुण्य लाभ के लिए प्रदान कर दिया। अन्यथा श्रद्धालु निराश लौट जाते। प्रशासन ने इस दिशा में कुछ सोचा ही नहीं।

ड्रेन नंबर आठ का पानी बना अमृत

यमुना में पानी न देख श्रद्धालुओं ने दहिसरा गांव के पास यमुना में छोड़े गए ड्रेन नंबर आठ के पानी में स्नान कर पूजा अर्चना की।





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