इंदौर.
6 मई, मंगलवार.. जी हां! इसी दिन (वित्त वर्ष के 36वें दिन) 2008-09 में शहर के विकास की दशा और दिशा देने वाले नगर निगम बजट पेश करने का मुहूर्त आया है। ..लेकिन उसके पहले हो रहे राजनीतिक अपशगुन शहर को चिंता में डाल रहे हैं। भाजपा के पार्षद तो दो महीने से एक-दूसरे से 36 हो रहे हैं। कांग्रेसी पार्षद भी सोमवार शाम उन्हीं की राह चल पड़े। ऐसे में शहर के विकास पर कितनी और कैसी बहस होगी यह चिंता संजिदा नागरिकों की ही हो सकती है।
आज सुबह 10 बजे पेश होगा
सत्तापक्ष के साथ विपक्ष में जारी खींचतान के बीच नगर निगम का एक हजार करोड़ का बजट मंगलवार सुबह 10 बजे गांधी हॉल में निगम परिषद के सम्मेलन में पेश किया जाएगा। अगले दिन बजट के साथ निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालयों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने, संपत्ति कर से सरचार्ज हटाने, एरोड्रम के समानांतर 60 फीट की लिंक रोड बनाने, फ्री पार्किग, स्कूल-मदरसों में मध्यान्ह भोजन और आईडीए की नौ स्कीम हस्तांतरित करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक टेंडर व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा होगी।
कांग्रेस : नेता प्रतिपक्ष हटाओ अभियान
नगर निगम में सत्तापक्ष के बाद विपक्ष की गुटबाजी भी मैदान में आ गई है। पार्टी के 16 पार्षदों ने सोमवार शाम शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष छोटे यादव हटाओ अभियान छेड़ दिया। महापौर परिषद में फेरबदल से नाराज मंत्री गुट के 19 पार्षद दो महीने से महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा का खुला विरोध कर रहे हैं।
इसी बीच बजट की पूर्व संध्या कांग्रेस पार्षद दल का असंतोष भी सतह पर आ गया। सोमवार शाम नेता प्रतिपक्ष 9 पार्षदों के साथ बजट का विरोधी करने की तैयारी में जुटे थे वहीं 16 पाषर्दों ने श्रीमती ओझा के निवास पर उनके विरोध की रणनीति बनाई और सरवर खान या अरविंद बागड़ी को कमान सौंपने की तैयारी शुरू कर दी।
इन पार्षदों का आरोप है श्री यादव मिलीभगत के चलते सत्तापक्ष की जनविरोधी नीतियों का विरोध भी नहीं करते। सड़क, पानी और सफाई की विकराल समस्या के बाद भी उन्होंने कोई जनांदोलन नहीं किया। विरोध का दूसरा कारण श्रीमती ओझा के कहने पर भी राधे बौरासी को उपसचेतक नहीं बनाना और विधायक अश्विन जोशी के कहने पर सुरजीतसिंह चड्ढा की तत्काल नियुक्ति बताया जा रहा है।
पटवारी व कुआल किधर?
नेता प्रतिपक्ष के साथ- सुरजीतसिंह चड्ढा, प्रेम खड़ायता, रश्मि वर्मा, मूलचंद यादव, मुमताज खान, चंदू कुरील, कमला सलवाड़िया और हेमलता सोनकर
विरोध में- सुरेश मिंडा, सरवर खान, के.के. यादव, राधे बौरासी, दिलीप कौशल, अरविंद बागड़ी, सुशीलारानी मित्तल, अयाज बेग, शबाना गुड्डू, फौजिया अलीम, राजा अग्निहोत्री, रमेश गागरे, संजय शुक्ला और सोनिया शुक्ला
तय नहीं- माखन पटवारी और राजेंद्र कुआल
खींचतान के कारण
सोमवार को कांग्रेस पाषर्द दल की बैठक में श्री टंडन और श्रीमती ओझा को नहीं बुलाया।
विवाद के चलते सत्तापक्ष ने बहुमत खोया लेकिन कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा।
यादव पद छोड़ने को तैयार
>> ‘मुझे मामले की जानकारी नहीं। जिस दिन बहुमत की कमी लगेगी, खुद इस्तीफा दे दूंगा। कौन महापौर से मिला है और कौन नहीं? मेरा विरोध करने वाले सब जानते हैं।’
छोटे यादव, नेता प्रतिपक्ष
ओझा-टंडन बचते रहे
कांग्रेस पार्षद दल के विवाद पर महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष शोभा ओझा और शहर अध्यक्ष प्रमोद टंडन कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ‘भास्कर’ से चर्चा में दोनों ने कह दिया कोई जानकारी नहीं।