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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़पंजाब में पंचायत समितियों व जिला परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस एकजुट नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर कौर भट्ठल और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की राहें जुदा हैं और इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है। अमृतसर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवदीप सिंह गोल्डी के हाथ मजबूत करने के लिए भट्ठल की ओर से आयोजित रैली में कैप्टन नहीं पहुंचे। कैप्टन व उनके समर्थक गोल्डी के लिए प्रचार करेंगे, इसकी संभावना कम है।
भट्ठल को नेता मानने से कैप्टन पहले ही इनकार कर चुके हैं। उनके साथ काम करने की संभावना को उन्होंने नकार दिया है। पार्टी हाईकमान के समझाने का भी उन पर असर नजर नहीं आ रहा। इतना जरूर है कि उन्होंने भट्ठल के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी बंद कर दी है।
उपचुनाव के परिणाम आने के बाद पार्टी के इन दोनों नेताओं के बीच जंग और तेज हो सकती है। भट्ठल खेमा उपचुनाव तक चुप रहेगा। इसके बाद पूर्व मंत्री लाल सिंह, सुरिंदर सिंगला व राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी का दिल्ली जाकर सोनिया गांधी से मिलने का इरादा है। कैप्टन ने इन तीनों पूर्व मंत्रियों के बारे में कहा था कि इनके लिए बहुत कुछ करने के बावजूद ये वफादार नहीं रहे और इसका उन्हें गिला है। कैप्टन के खिलाफ इस मोर्चाबंदी में इन तीनों के साथ भट्ठल अहम भूमिका निभाएंगी। इस बात पर भी विचार चल रहा है कि कैप्टन के बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए सारा मामला अनुशासन कमेटी को दे दिया जाए।
पार्टी में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। हम एक हैं और चुनाव भी मिल कर ही लडें़गे। टकराव मिटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- राजिंदर कौर भट्ठल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, पंजाब