जयपुर. आखातीज बुधवार को है, लेकिन एक दिन पहले मंगलवार को शुक्र अस्त होने से इस अबूझ मुहूर्त पर शादियां कम होंगी। इससे इस बार बाजार में मंदी है। कपड़ा, साड़ी, ज्वैलरी, बर्तन और विवाह संबंधी सामग्री से जुड़े व्यवसाय पर तो शुक्र अस्त का 50 से 70 प्रतिशत तक असर पड़ा है। ज्योतिषियों का कहना है कि आखातीज पर शादियों में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन पंचांग में सावा नहीं होने से लोग अबूझ मुहूर्त के बावजूद शादी समारोह के लिए तैयार नहीं हैं।
आखातीज के सावे पर हर साल बाजार करीब 20-25 दिन पूर्व ही उठ जाता है। सावे की बिक्री बाजार में साफ दिखाई देती है, लेकिन इस बार कमजोर सावे ने व्यापार को मंदा कर दिया है। राजस्थान साड़ी एवं कपड़ा व्यापार संघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र राणा का कहना है कि पंचांग के सावे नहीं होने से अधिकतर लोगों ने नवंबर के बाद ही शादियों का मन बना लिया है।
आखातीज पर भी इसका असर पड़ा है और गत वर्ष के इस सावे के मुकाबले बिक्री 50 से 70 प्रतिशत तक कम हुई है। राजस्थान कपड़ा व्यापार महासंघ के महामंत्री मुकेश पारीक का कहना है कि कपड़ों पर ही नहीं, हर प्रकार के आइटम पर पिछले वर्र्षो की तुलना में खासा असर पड़ा है। यह असर 10 से 40 प्रतिशत तक है। इस बार शुक्र अस्त होने के अलावा गर्मी के कारण भी लोगों ने अबूझ मुहूर्त का सावा टाल दिया है।
अनंत फलदायी है सावा
राजस्थान ज्योतिष परिषद के महासचिव डॉ.विनोद शास्त्री ने कहा कि इस बार शुक्र अस्त के कारण आखातीज के दिन पंचांग का सावा नहीं है। फिर भी आखातीज को अबूझ सावा मानते हुए पंडित इस दिन शादियां कराते हैं। जो समाज पंचांग का सावा मानते हैं, वे इस दिन शादियां नहीं कर सकेंगे। शास्त्रों में अक्षय तृतीया पर किए दान को अनंत फलदायी माना गया है। यही कारण है कि इस दिन लोग कन्यादान कर अनंत फल की प्राप्ति कर सकते हैं।
आज होगा शुक्र अस्त
मंगलवार दोपहर 3:15 बजे शुक्र अस्त होगा तथा 13 जुलाई को तड़के 3:40 पर उदय होगा। बुधवार सुबह 10:09 से तृतीया प्रारंभ होगी, जो 8 मई को सुबह 6:35 बजे तक रहेगी। सूर्योदय इससे पहले 5:47 पर हो जाएगा।
पं. दामोदर प्रसाद शर्मा का कहना है कि शास्त्रों में अक्षय तृतीया के बारे में कहा गया है कि अगर सूर्योदय के बाद 2 घंटा 24 मिनट तक तृतीया रहे तो उस दिन आखातीज होगी, लेकिन 8 मई को सूर्योदय के बाद केवल 48 मिनट तक तृतीया है। इस कारण तृतीया 7 मई को होगी। इस दिन सूर्योदय के समय आखाबीज यानी दोज होने के कारण 7 मई को दोज के दिन ही आखातीज रहेगी।