जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय को शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध करने का काम अब स्टील किंग एल.एन. मित्तल करेंगे। उन्होंने इसके लिए व्यक्तिगत रुचि जाहिर की है। वे अपनी मां के नाम संचालित गीता मित्तल फाउंडेशन के तहत विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर एक्सिलेंस की स्थापना करेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय के कुल सचिव और मित्तल फाउंडेशन सचिव टी.के. विश्वनाथ के बीच सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।
फाउंडेशन की ओर से इस योजना को पूरी करने की जिम्मेदारी पूर्व मुख्य सचिव इन्द्रजीत खन्ना को सौंपी गई है। इस सेंटर में वैश्विक परिवर्तन के साथ पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। राजस्थान विश्वविद्यालय ने फाउंडेशन को लॉ कालेज के समीप दो हजार वर्गमीटर जमीन देने की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 8 मई को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में पेश किया जाएगा।
सेंटर में क्या होगा
प्रस्तावित सेंटर में प्रवेश लेने वाले युवाओं को रोजगारपरक आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें आईटी, अंग्रेजी, कम्युनिकेशन स्किल, मानव संसाधन संबंधी विषय पढ़ाए जाएंगे। पाठ्यक्रम के निर्माण की जिम्मेदारी प्रोफेसर उदय पारीक (एचआर), प्रोफेसर जसबीर जैन (अंग्रेजी व कम्युनिकेशन स्किल) व टी.पी.रामाराव को (आईटी) सौंपी गई है। मित्तल इस सेंटर की स्थापना के लिए फिलहाल दो करोड़ रुपए देंगे।
दूसरे उद्योगपतियों को भी जोड़ेंगे
शैक्षणिक कार्यक्रमों के नीति-निर्माण में जाने-माने उद्योगपतियों को भागीदार बनाने पर राजस्थान विश्वविद्यालय में विचार किया जा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय को कम से कम 25 लाख रुपए की सहायता करने वाले उद्योगपति को विश्वविद्यालय के सर्वोच्च निकाय सीनेट की मानद सदस्यता दी जाएगी। विश्वविद्यालय की पिछली सिंडिकेट ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी। अब इसे राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।