जयपुर. सोमवार दोपहर को नाहरगढ़ पुलिस थाने और उसके आसपास का माहौल यूं तो और दिनों की तरह सामान्य ही था, पर किसी को पता नहीं था कि कोई ‘जाल’ बिछा हुआ है। दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) वाले सादे कपड़ों में वहीं आसपास की दुकानों में टोह लगाए बैठे थे।
जैसे ही एक शख्स 2 बजे 50 हजार रुपए लेकर थाने पहुंचा, तो इंचार्ज (सीआई) ने उसे इशारे से कहा कि ऊपर बैरेक में जाओ, वहां एएसआई बैठे हैं। शख्स ऊपर गया और एएसआई को रुपए दे दिए, जो उसने पेंट की जेब में रख लिए। ..और बस खेल खत्म। एएसआई साहब रुपयों की गर्मी महसूस कर ही रहे थे कि कि एसीबी वाले बैरेक में पहुंचे और साहब को धर दबोचा। रुपए बरामद किए और उसके बाद सीआई साहब को भी चपेट में ले लिया।
इस तरह थाना इंचार्ज रामानंद शर्मा व एएसआई जगमोहन शर्मा घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। एसीबी ने रामानंद शर्मा के आरपीए स्थित निवास की भी तलाशी ली, जिसमें 10, 500 रुपए व कुछ कागजात मिले, जिनकी जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। जयपुर रेंज के आईजी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पुलिस वालों की गिरफ्तारी की लिखित सूचना मिलते ही उनको निलंबित कर दिया जाएगा।
मामला क्या है
एसीबी के डीजी केएस बैंस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी (झोटवाड़ा) निवासी प्रवीण कालरा ने शिकायत की थी उसके खिलाफ एक फर्जी मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाने के लिए थाना इंचार्ज दो लाख रुपए मांग रहे हैं और एक व्यापारी गोविंद शर्मा के खिलाफ दायर किया गया चेक बाउंस होने का मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं। बारह भाइयों के चौराहे के पास कालरा एंटरप्राइजेज के नाम से प्रवीण की दुकान है।
प्रवीण ने पिछले साल जाट का कुआं का रास्ता में राहुल एक्सपोर्ट के मालिक गोविंद शर्मा को 1 लाख 35 हजार रुपए उधार दिए थे और इसकी एवज में लिया गया चेक बाउंस होने पर गत दिसंबर को उसके खिलाफ मुकदमा दायर किया था। जनवरी में थाना इंचार्ज रामानंद शर्मा ने प्रवीण को थाने बुलाकर गोविंद शर्मा से आधी राशि में समझौता करने का दबाव डाला।
रामानंद ने उसे आए दिन थाने में बुलाना व धमकाना शुरू कर दिया, तो परेशान होकर प्रवीण ने अपनी दुकान बंद कर किराए पर दे दी। प्रवीण का आरोप है कि गोविंद शर्मा ने रामानंद शर्मा से मिलीभगत करके न्यायालय में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोप लगाया कि उसने गोविंद शर्मा से चांदी खरीदी थी, जिसके पैसे नहीं दिए। प्रवीण ने पुलिस के कई अधिकारियों व आईजी रेंज जयपुर से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
थाने में पिटाई: नाहरगढ़ थाने के पुलिसकर्मी 1 मई को दोपहर करीब एक बजे प्रवीण को सी-स्कीम अहिंसा सर्किल के पास से जीप में थाने ले गए, जहां इंचार्ज रामानंद ने उसकी जमकर पिटाई की और आर्म्स एक्ट व ब्ल्यू फिल्म रखने का मामला बनाने की धमकी दी। घबराकर प्रवीण हर बात मानने को तैयार हो गया।
इस पर थाना इंचार्ज ने प्रवीण के खिलाफ दर्ज मामले में एफआर लगाने के लिए 2 लाख रुपए देने और कोर्ट में चल रहा चेक बाउंस का मामला वापस लेने की बात की और आगे इस संबंध में मामले की जांच कर रहे एएसआई जगमोहन शर्मा से संपर्क करने की हिदायत दी। आखिर में उसने जगमोहन से 1 लाख 80 हजार रुपए में सौदा तय किया और पहली किस्त में 50 हजार रुपए देने की बात हुई। उसने एसीबी से भी शिकायत कर दी थी।