अजमेर. अपराधिक गतिविधियों वाले इलाकों में पुलिस ने दोस्ताना तरीके से युवाओं को सुधारने की मुहिम शुरू की है। आवारा और समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग पड़े युवकों से पुलिसकर्मी दोस्ती करेंगे, उनके साथ खेलेंगे-कूदेंगे और पुलिस के कामकाज में उनकी मदद लेंगे। अपराधों पर अंकुश के लिए इस नए फामरूले को अमली जामा पहनाने की खातिर अजमेर और ब्यावर में पुलिस यूथ क्लब का गठन करने का फैसला किया गया है।
डीजीपी एएस गिल ने पिछले दिनों राज्य के सभी एसपी को आवारा व झगड़ालू प्रवृत्ति के युवकों को सुधारने के लिए इस योजना पर अमल करने के निर्देश दिए थे। अजमेर एसपी आनंद श्रीवास्तव ने इस पर अफसरों से चर्चा की है और यूथ क्लब के लिए अपराधिक गतिविधियों वाले मोहल्लों को चिह्न्ति करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
>> जरायमपेशा लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में पुलिस का यह प्रयास है। इसके तहत पूर्व में पीसांगन और भीलवाड़ा में सांसी और कंजर समाज के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया गया था। प्रशिक्षण के बाद इन्हें रोजगार भी दिलाया था।
बहादुर सिंह राठौड़,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
जिले में दो यूथ क्लब
डीजी के आदेश के मुताबिक जिलों में दो यूथ क्लब बनाए जाएं। एक क्लब उन मोहल्लों के लिए, जो सांप्रदायिक व कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील हैं और दूसरा, उन बस्तियों के लिए, जहां लोग आए दिन छोटी-छोटी बात पर झगड़ते रहते हैं।
चुनाव भी होंगे
यूथ क्लब का इंचार्ज एएसआई अथवा एसआई स्तर का अधिकारी होगा, जिसे कम्यूनिटी लाइजनिंग ऑफिसर (सीएलओ) कहा जाएगा। फिलहाल ये यूथ क्लब पुलिस ही चलाएगी, बाद में इनके चुनाव करवाकर अध्यक्ष व सचिव का चयन भी किया जाएगा। इन यूथ क्लब व कार्यक्रमों के लिए पुलिस को कोई बजट नहीं मिलेगा। इसके लिए पुलिस को स्थानीय लोगों से सहयोग लेना होगा।
ऐसे काम करेंगे
सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील मोहल्लों में पुलिस युवकों को क्लब का सदस्य बनाएगी। इसके बाद उनके साथ रोजाना कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबाल व फुटबाल खेलेगी। इसी तरह क्लब के सदस्यों में ग्रुप डिस्कशन, सांस्कृतिक गतिविधियां व विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।
बाद में इन्हीं युवाओं की कानून-व्यवस्था, धार्मिक आयोजन, शोभा-यात्रा व जुलूस में ड्यूटी लगाई जाएगी। खेलकूद के लिए सरकारी जमीन का अधिगृहण करने को कहा गया है। इसी तरह दूसरे यूथ क्लब में कच्ची बस्ती के आम लोगों को सदस्य बनाया जाएगा। पुलिस इनके साथ सर्वे कर उनकी समस्याओं को चिह्न्ति करेगी। बाद में प्रशासन की मदद से उनके समाधान का प्रयास करेगी।