बीकानेर. शहर के लगभग हर इलाके में उल्टी-दस्त के रोगी रिपोर्ट होने के बाद चौकन्ने हुए स्वास्थ्य महकमे ने खान-पान की चीजों की जांच का सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सोमवार को ही निदेशालय से भी निर्देश मिले हैं।
इन निर्देशों के अनुसार शहर में बिक रही चाट-पकौड़ी, आईसक्रीम, बर्फ सहित फल-सब्जी आदि खाद्य सामग्रियों की दुकानों पर ही जांच होगी। प्रदूषित पदार्थ मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट किया जाएगा।
सीएमएचओ डा.प्रमिला सहगल के मुताबिक, दो इंस्पेक्टरों के साथ टीमें घूमकर खान-पान की चीजों की जांच करेगी। डा.सहगल का कहना है, बीमारी की मूल वजह जहां खान-पान में बरती जा रही लापरवाही है वहीं घरों में रखे गए पानी के बर्तनों की सफाई नहीं होना भी इसके लिए जिम्मेवार है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट बताते हुए उन्होंने कहा, अब तक अलग-अलग 237 स्थानों से वाटर सैंपल कलेक्ट किए गए हैं जिनमें से 207 संतोषजनक पाए गए हैं। पीएचईडी के सप्लाई प्वाइंट से लिए गए नमूनों में पांच असंतोषजनक मिले हैं जबकि नोन पीएचईडी के सप्लाई या स्टोरेज सेंटर से लिए गए नमूनों में 25 असंतोषजनक पाए गए। ऐसे में लोगों को पानी के रख-रखाव के बारे में भी जागरूक होना होगा।
भर्ती 12 रोगियों में से नौ बच्चे
मौसमी बीमारी उल्टी-दस्त की सर्वाधिक मार छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही है। पीबीएम अस्पताल में रविवार को भर्ती हुए 12 रोगियों में से नौ बच्चे हैं जो शहर सहित जिले के विभिन्न स्थानों से आए हैं।
शहर की रामपुरा बस्ती से भी दो रोगी पीबीएम अस्पताल में भर्ती हुए हैं जहां पहले भी प्रदूषित पानी के कारण दर्जनों लोग बीमार हो गए थे। उल्टी-दस्त के साथ ही मीजल्स का प्रकोप भी बना हुआ है। पीबीएम अस्पताल में फिर तीन मीजल्स रोगियों को भर्ती किया गया है जिनमें से दो सरदारशहर के व एक बीकानेर की लूणकरणसर तहसील का निवासी है।