बीकानेर. पांच नए विभाग, पांच-पांच प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर पद की स्वीकृति के बाद अब विवि को इन पदों पर नियुक्ति करने की अनुमति भी मिल गई है। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में भाग लेने शनिवार को बीकानेर आए ओएसडी उच्च शिक्षा ओ.पी. गुप्ता ने विवि को स्वीकृत पद भरने के लिए अनुमति जारी कर दी।
हालांकि विवि को रीडर और व्याख्याता के लिए कोई स्वीकृति नहीं दी गई। जिन पदों को भरने के लिए स्वीकृति दी गई है उन पर सालाना 36 लाख 60 हजार रुपए खर्च होंगे। अगर 10 रीडर और 15 व्याख्याताओं के पद मिल जाए तो इन पर वेतन पेटे सलाना 62 लाख रुपए खर्च होंगे जबकि यूजीसी के मापदंड पूरे होने की स्थिति में विवि के वारे-न्यारे हो सकते हैं।
बीकानेर विवि को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से करोड़ों का अनुदान उसी शर्त में मिल सकता है जबकि संबंधित विश्वविद्यालय के पास पांच-पांच प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, 10 रीडर और 15 व्याख्याता हो।
बीकानेर विवि को जो विभाग स्वीकृत किए गए है उनमें इन्वायरमेंटल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, अंग्रेजी, इतिहास और कम्प्यूटर साइंस शामिल है। अनुदान के लिए यूजीसी की दूसरी शर्त है कि संबंधित विवि के पास कम से कम दो करोड़ रुपए की संपत्ति है। विवि फिलहाल डूंगर कॉलेज के छात्रावास में संचालित हो रहा है, ऐसे में उसके पास खुद की कोई संपत्ति नहीं है। जैसलमेर रोड पर विवि का भवन निर्माणाधीन है लेकिन इसके चालू होने में अभी समय है।
>> पांच विभागों में एक-एक प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर लगाने के लिए अनुमति मिल गई है। यूजीसी से अनुदान के लिए प्रत्येक विभाग में कम से कम दो रीडर और 3-4 व्याख्याता होने अनिवार्य है। इन पदों के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा जा चुका है।
डॉ.सी.बी.गैना, कुलपति, बीकानेर विवि