जोधपुर. ग्यारहवीं कक्षा की यह छात्रा चंद्रवीर से प्यार करती थी, मगर घरवालों को यह पसंद नहीं था। अपना प्यार साबित करने के लिए वह सोमवार को कायलाना झील में आत्महत्या करने पहुंच गई, मगर वहां लोगों ने उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने समझाइश कर उसे परिजनों के साथ घर भेज दिया।
सूरसागर पुलिस ने बताया कि बागर क्षेत्र में रहने वाली यह छात्रा दोपहर करीब तीन बजे टैक्सी में बैठ कर कायलाना झील पर पहुंची। टैक्सी चालक को सौ रुपए किराया देकर वह झील की ओर बढ़ गई। उसके पास छोटा बैग भी था। झील के पास पहुंच कर उसने बैग से कॉपी निकाली जिस पर सुसाइड नोट लिखा हुआ था।
सुसाइड नोट पर उसने चंद्रवीर को संबोधित करते हुए लिखा कि वह उससे प्यार करती है और करती रहेगी। वह आत्महत्या कर रही है इसलिए उससे नफरत नहीं करना। यह पन्ना पत्थर के नीचे दबा रही थी तभी झील के पास कैंटीन चलाने वाले भवानीसिंह ने उसे देख लिया।
छात्रा रो रही थी इसलिए उसे संदेह हुआ। वह छात्रा के पास पहुंचा तो वह पानी में छलांग लगाने की धमकी देने लगी, मगर भवानीसिंह ने उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस उसे थाने ले गई तथा परिजनों को बुलाया। काफी देर तक समझाइश करने के बाद छात्रा परिजनों के साथ घर चली गई।
लड़का-लड़की में भेद क्यों?
आत्महत्या करने आई छात्रा अपने घर नहीं जाना चाहती थी। उसने कहा कि मां-पिता उससे सौतेला व्यवहार करते हैं। भाई कुछ भी करे तो डांटते नहीं, मगर उसने चंद्रवीर से दोस्ती की तो मारपीट करते हैं। घर में लड़का और लड़की के बीच भेद करते हैं इसलिए वह उनके साथ नहीं रहना चाहती। भाई भी उसे पीटता था इसलिए उसने सुसाइड नोट में भी लिखा कि वह भाई के कारण अपनी जान दे रही है।