जोधपुर. जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी से अब पीएचडी करने के लिए 3 गुना ज्यादा फीस देनी होगी। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक में शुल्क बढ़ाने का फैसला किया गया। शोधार्थी को अब शोधकार्य जमा कराने तक १क् हजार २क्क् रुपए खर्च करने होंगे। पहले ३ हजार 200 रुपए ही खर्च करने पड़ते थे।
यूनिवर्सिटी से प्रतिवर्ष लगभग 300 शोधार्थी पीएचडी करते हैं। इस निर्णय से प्रतिवर्ष लगभग 21 लाख रुपए से ज्यादा की आय होगी। यदि कोई शोधार्थी 6 वर्ष में शोध कार्य पूर्ण नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क भरना पड़ेगा। एक्सटेंशन लेने के लिए 5 हजार रुपए अदा करने होंगे।
शोधार्थी यदि वाय-वा में नहीं पहुंच पाता है, तो उसे दुबारा वाय-वा के लिए 3 हजार रुपए अदा करने पड़ेंगे। यूनिवर्सिटी के शिक्षकों से 3 हजार रुपए कम शुल्क लिया जाएगा।
>> विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पिछले वर्ष पत्र लिखा था कि शुल्क को संशोधित करें। उसी पत्र के आधार पर यह शुल्क बढ़ाई गई है। पिछले वर्ष अन्य पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ा दी गई थी।
प्रो. लोकेश शेखावत, कुलपति
कितनी बढ़ी शुल्क (राशि रु. में)
विवरण पहले अब
फार्म 25 100
पंजीयन 100 2000
ट्यूशन 1200 3000
प्रयोगशाला 900 2400
जमा कराने पर 1000 5000
एक्सटेंशन - 5000
मिसिंग वाय-वा - 3000