कोटा. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने देखे तीन स्थान, मंडाना से झालावाड़ की तरफ नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 10 पैरामीटरों पर किया आकलन, कोटा हवाई अड्डे का रनवे भी बढ़ेगा।
कोटा में प्रस्तावित नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की राह आसान हो गई है। सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दल ने डीजीएम केएस रघुरामन के नेतृत्व में कोटा जिले के मंडाना के निकट तीन स्थान का निरीक्षण किया है। ये तीनों स्थान मंडाना से झालावाड़ की तरफ नेशनल हाइवे नंबर-12 के दोनों तरफ हैं। सबसे पहले दल ने मंडाना में गणोश जी के बाग के पास की जगह देखी।
फिर बख्शपुरा गांव में पहुंचे और जमीन का अवलोकन किया। अंत में वे रावठां के पास नयागांव में भी स्थान देखने गए। नया एयरपोर्ट 4 गुणा 2 किमी की जगह पर बनेगा, इसलिए दल ने हाइवे से लगते हुए 2 किमी तथा उसके लंबवत 4 किमी की पट्टीनुमा जगह देखी। दल अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द हैडक्वार्टर को सौंपेगा। इसके बाद हैडक्वार्टर राजस्थान सरकार को चयनित जगह के बारे में जानकारी देगा।
इसके बाद प्रशासन चिह्न्ति स्थान की डिटेल सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगा कि इसमें कितने गांव आ रहे हैं, वन विभाग की कितनी जमीन है, हाइटेंशन लाइन तो नहीं गुजर रही, जमीन अवाप्ति में कोई बड़ी दिक्कत तो नहीं है। कलेक्टर अभय कुमार, एडीएम प्रशासन राकेश जायसवाल व एसडीएम अरुण हसीजा के साथ दल ने मंडाना उप तहसील कार्यालय में चर्चा भी की।
दल में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डीजीएम रघुरामन के अलावा डीजीएम अनुपम वर्मा (इंजीनियरिंग सेक्शन), सीनियर मैनेजर आशीष श्रीवास्तव (संचालन विभाग), सीनियर मैनेजर मनोज जैन (एटीसी) तथा राज्य सरकार के सिविल एविएशन विभाग के डिप्टी सैक्रेटरी भी शामिल रहे। इसके अलावा एयरपोर्ट के इंचार्ज डीके गोरावत भी थे। दल ने शाम को जिला कलेक्टर अभय कुमार से भी बात की तथा चिह्न्ति जगह की जानकारी दी।
सर्वे ऑॅफ इंडिया के मेप पर चिह्न्ति
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्थान चयन के दौरान सर्वे ऑफ इंडिया के मैप पर जगह चिह्न्ति की है। इसी आधार पर हैडक्वार्टर को स्थान की जानकारी दी जाएगी।
रनवे का विस्तार होगा
हवाई अड्डे से जल्द प्रारंभ होने वाली नियमित उड़ाने के मद्देनजर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रनवे विस्तार को भी मंजूरी दी है। यदि इंडियन एयरलाइंस विमान के हिसाब से रनवे की लंबाई बढ़ाना चाहेगी तो मौजूदा स्थान पर ही रनवे विस्तार कर दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटेगा, सुरक्षा बढ़ेगी
हवाई अड्डे की जमीन पर बसी द्वारका बावड़ी कच्ची बस्ती का भी हटना तय है। दल ने कहा है कि पहले द्वारका बावड़ी बस्ती तथा घोड़ेवाला बस्ती की तरफ तारों की फेंसिंग के साथ बाउंड्रीवाल बनानी होगी।
4 गुणा 2 किमी जगह की मांग
बैंगलोर तथा हैदराबाद की तर्ज पर कोटा में भी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 4 गुणा 2 किमी की जगह मांगी है।
10 पैरामीटरों का रखा ध्यान
नए एयरपोर्ट निर्मित के लिए दल ने जगह के निरीक्षण के दौरान अथॉरिटी के 10 पैरामीटरों का ध्यान रखा है। हालांकि उन्होंने इसे जाहिर नहीं किया।
2010 तक 35 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
गरिक उड्डयन मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की नई नीति पर मुहर लगाई थी। नई नीति के मुताबिक, यदि कोई राज्य सरकार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करना चाहती है तो उसे या तो खुद अथवा सक्षम एजेंसी या संयुक्त उपक्रम के जरिए ऐसा करना होगा। राज्य सरकार को रियायती अथवा मुफ्त जमीन, रियल एस्टेट विकास के अधिकार, एयरपोर्ट कनेक्टीविटी और आर्थिक रियायतें देनी होगी।
यदि कोई प्राइवेट पार्टी का चयन होता है तो यह प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए होगा। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, एयरपोर्ट अॅथोरिटी ऑफ इंडिया, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में विकसित करेगा। केंद्र सरकार की 2010 तक देश में 35 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की मंशा है। मौजूदा एयरपोर्ट से 150 किलोमीटर दूरी पर बनने वाले नए एयरपोर्ट के लिए पूर्वानुमति की जरूरत नहीं है।