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एक ही वार में केसर का काम तमाम

उदयपुर. शहर के समीपस्थ साकरोदा में शनिवार रात को पूर्व उपसरपंच केसरसिंह की हत्या में पेशेवर अपराधी का हाथ होने की बात सामने आई है। उसने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते हुए लंबी छुरी के एक ही वार से केसरसिंह को खत्म कर दिया था। पुलिस को हत्यारों के बारे में पुख्ता सुराग मिल गए है, किंतु हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

भास्कर ने इस बारे में मृतक के परिजनों से बात की। केसरसिंह के पिता भवंरसिंह देवड़ा (पंथवाला) ने बताया कि उसके बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक कारण हो सकता है। उसके पूरे गांव में अच्छे संबंध थे।

सुनियोजित साजिश थी : पूछताछ में सामने आया कि वारदात के एक दिन पहले शुक्रवार को अनजान युवक साकरोदा में केसरसिंह के मकान पर गए और केसरसिंह के हुलिये, कद काठी व वेशभूषा तक के बारे में जानकारी ले गए। घर में लगा उसका फोटो देखकर उसको पहचाना और मोबाइल नंबर भी ले गए। भंवरसिंह के अनुसार वारदात से पहले उनके घर पर फोन आया और केसरंिसंह के बारे में जानकारी मांगी।

युवकों ने की थी पूछताछ : केसरसिंह की भतीजी जगन कुंवर व बालक कमलेंद्र ने बताया कि दो दिन से घर आने वाले युवक मेवाड़ी एवं हिन्दी बोल रहे थे। एक ने कान में मुरकियां पहन रखी थी। जगन कुंवर के अनुसार युवकों ने ताऊ की फोटो देखकर कहा कि क्या ये ही केसरसिंह है। पुलिस के अनुसार घर पर किए फोन साकरोदा बावड़ी स्थित एसटीडी पीसीओ से किए गए।

एक ही वार में काम तमाम
केसरसिंह की हत्या के पीछे शातिर पेशेवर बदमाश का हाथ है, जिसने अपने सहयोगियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया। हत्या करने वाले ने लंबी छुरी से केसरसिंह के पेट पर एक ही वार इतना जोरदार किया कि पेट से सीधे दिल को भेद गया।

मारवाड़ नहीं जा सका : पूछताछ में सामने आया कि केसरसिंह को सोमवार को बैल खरीदने मारवाड़ जाना था। हत्या के समय उसके पास 24 हजार रुपए तथा एक मोबाइल था जो बदमाश ले गए।

तीन मिनट, एक वार : चश्मदीद रमेश नागदा ने बताया कि संभवत: शहर से लौटते समय ही हमलावर उनके पीछे लग गए। सारी घटना को हमलावरों ने महज तीन मिनट में अंजाम दिया। एएसपी राजेन्द्रसिंह ने बताया कि हत्या के इस मामले में पुख्ता जानकारी मिल गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।





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