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भारती के लाल को अंतिम नमन

सिंघाना. naman आठ राजरिफ के शहीद सूबेदार महीपाल की सोमवार को उनके पैतृक गांव मुरादपुर में राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि की गई। वे दो मई को श्रीनगर में राधा पोस्ट पर शहीद हो गए थे। रविवार की रात उनका शव पहुंचा तो मुरादपुर सहित निकटवर्ती गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह उनके घर से निकली अंतिमयात्रा में जब तक सूरज चांद रहेगा, महीपाल साहब का नाम रहेगा जैसे गगन भेदी नारे गूंज उठे।

श्मशान घाट पर अजा जजा आयोग के अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल, एडीएम कालीचरण शर्मा, सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर कैप्तानसिंह यादव, कर्नल आरकेएस बिजारणियां, कर्नल ओमवीर, एएसपी वीके गौड़, एसडीएम दाताराम, डीएसपी राकेश काछवाल, जिप सदस्य संतोष अहलावत, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष पुनिया, तहसीलदार इंद्रसिंह जाट, पंस सदस्य रामवतार सैन, सरपंच हरनारायण, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश गर्सा, निदेशक रामकुमार बड़सरा, नवयुवक मंडल अध्यक्ष शुभकरण सहित अनेक लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद के ज्यष्ठ पुत्र कृष्णपाल व राजेंद्र ने मुखाग्नि दी। उनके अंतिम संस्कार में सिंघाना, पचेरी, गोठ, डूमोली, बुहाना, भोदन, सहड़, ईश्कपुरा, थली सहित अनेक गांवों के लोग शामिल हुए।

अच्छे खिलाड़ी थे
शहीद महीपाल अपने जमाने के अच्छे खिलाड़ी थे। बाक्सिंग में अच्छे प्रदर्शन पर उन्हें प्रमोशन मिला। उनकी यूनिट के सूबेदार नरेशकुमार ने बताया कि उन्हें नायक का प्रमोशन बेस्ट खिलाड़ी के कारण मिला।

विदेश में भी सेवा दी
शहीद महीपाल शांति सेना में विदेश भी गए। यूनिट कर्नल ओमवीर ने बताया कि वे सेना के प्रति समर्पित थे। उसी कारण 2007 में उनका कांगो के लिए शांति सेना में चयन हुआ। उन्होंने 1986-87 में ब्रास्टेक में काफी साहस दिखाया।

पूरा परिवार सेना में
शहीद महीपाल का पूरा परिवार सेना से जुड़ा है। उसके पिता शुभराम सेना से रिटायर्ड हैं। शहीद के दोनों पुत्र कृष्णकुमार ईएमई में व राजेंद्र सिग्नलकोर में सेवारत हैं। शहीद का छोटा भाई ब्रrापाल बीएसएफ में है।





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