लंदन.
क्या आपको भूलने की आदत है? नाम या चेहरे याद नहीं रहते? अगर आपके मस्तिष्क में फिट होने वाली कोई मेमोरी चिप मिल जाए तो हो सकता है, आप मुंह मांगी कीमत देने को राजी हो जाए।
शोधकर्ताओं ने पता लगा लिया है कि आप किस तरह से बातों और चेहरों को अच्छी तरह से याद रख सकते हैं। वैसे केवल मनुष्य ही भूलते हों ऐसा भी नहीं है। घोंघा, मक्खी, मकड़ी, चूहा, बंदर यानी हर प्राणी को भूलने की आदत होती है।
मेमोरी सर्किट : भुलक्कड़ों के लिए टोरंटो के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसे मस्तिष्क में गहराई से लगा दिया जाए तो हमारे शरीर में पहले से मौजूद याददाश्त के सर्किट में सुधार आ सकता है और हमारी याददाश्त बहुत तेज हो सकती है, लेकिन इस तकनीक को मानव मस्तिष्क में लगाने से पहले इसमें कुछ सुधार और विकास की जरूरत है।
कई सवाल ? : यह तकनीक हमेशा कारगर होगी या नहीं, विश्वसनीय रहेगी या नहीं? जरूरत पड़ने पर काम करेगी या नहीं? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब खोजे जा रहे हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि हमारे दिमाग को ऐसी तकनीक की जरूरत है, जो कम्प्यूटर पर इंटरनेट के गूगल सर्च या उसी तरह के सर्च इंजनों की तरह काम करे। लेकिन क्या ऐसा करने से हमारा दिमाग कम्प्यूटर हो जाएगा? बिल्कुल नहीं।
आदत नहीं छूटेगी : मस्तिष्क में एक मास्टर मेमोरी मैप या चिप लगाने से आपकी सोचने, समझने, महसूस करने, प्यार करने, हंसने या रोने आदि की क्षमता बरकरार रहती है। यह चिप आपकी भुलक्कड़पन की आदत नहीं छुड़वा पाएगी, आपके मस्तिष्क का आकार या मेमोरी बैंक भी इससे नहीं बढ़ेगा।
तब क्या होगा? : असल में हमारी समस्या दिमाग में भंडारण क्षमता की कमी नहीं है वरन मौके पर भंडार में रखी चीज के मिलने से है। कई बार नाम या चेहरा लगता तो है कहीं देखा-सुना सा, लेकिन मौके पर याद नहीं आता। इसी को आधार बना कर वैज्ञानिक कम्प्यूटर प्रक्रिया की मदद ले रहे हैं।