नई दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियों द्वारा रियायती दरों पर पेट्रोल बेचने के कारण लगातार नुकसान झेल रही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने सभी 1,432 पेट्रोल पंप 15 मार्च से बंद कर दिए हैं। अब सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां 1800 से ज्यादा पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम कर रही हैं। पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण के कारण रिटेलिंग में निजी क्षेत्र के प्रवेश को भारी धक्का लगा है।
बिक्री लगभग शून्य :
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा बेचे जा रहे पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपेक्षाकृत कम होने से उसके सभी पेट्रोल पंपों की बिक्री लगभग शून्य हो गई थी।
क्या थे कारण :
सरकारी सब्सिडी के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल 13.97 रुपए प्रति लीटर घाटे पर तथा डीजल 20.97 के डिस्काउंट पर बेचती हैं। इनके मुकाबले रिलायंस जैसी निजी कंपनियां 8-10 रुपए प्रति लीटर महंगा पेट्रोल-डीजल बेचने को मजबूर हैं।
नुकसान व भरपाई
पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने राज्यसभा में बताया-
- वर्ष 2007-08 में सरकारी कंपनियों की अंडर रिकवरी 77,303 करोड़ रुपए आंकी गई।
- इंडियन ऑयल, बीपीसीएल व एचपीसीएल को 20,333 करोड़ रुपए के ऑयल बांड जारी किए गए।
- अप्रैल-दिसंबर के मध्य बड़ी कंपनियों से 15,873 करोड़ रुपए का मुआवजा मिला।
कौन तय करता है मूल्य :
देवड़ा ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां सरकार की सलाह पर ही संवेदनशील पेट्रो उत्पादों का मूल्य तय करती हैं। निजी कंपनियां स्वयं अपने मूल्य तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।
और पेट्रोल पंप खुलेंगे:
इंडियन ऑयल, बीपीसीएल व एचपीसीएल 1,830 नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम कर रही हैं।
अभी तक हैं टिकी :
निजी तेल कंपनियां एस्सार ऑयल व शेल इंडिया फिलहाल अपने पेट्रोल पंप खोले रखने में सफल हैं।
किसके कितने पेट्रोल पंप :
कुल पंप - 36,936
सरकारी कंपनियां -
इंडियन ऑयल,-
भारत पेट्रो व -
हिंदुस्तान पेट्रो - 34,304
निजी कंपनियां -
रिलायंस - 1,432
एस्सार व शेल - 1,200
कहां कितने पेट्रोल पंप बंद होंगे-
रिलायंस के कुल पेट्रोल पंप- 1432
प्रदेश - संख्या
गुजरात - 246
महाराष्ट्र 160
उत्तर प्रदेश- 132
आंध्र प्रदेश - 129
राजस्थान - 107
अन्य प्रदेश- 658