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देहाती उम्मीदवारों को अंग्रेजी की बुकलेट

समानापंजाब सरकार के पंजाबी प्रेम पर चुनाव आयोग का अंग्रेजी प्रेम भारी पड़ रहा है। इसका सबूत मंगलवार को उस समय देखने को मिला, जब एक मीटिंग में जिला और पंचायत समितियों के चुनाव के उम्मीदवारों को चुनाव आयोग ने दिशा-निर्देशों वाली अंग्रेजी में छपी बुकलेट बांटी। इनमें से ज्यादातर उम्मीदवारों को अंग्रेजी नहीं आती थी, वे बुकलेट को उलट-पुलट कर देखते रहे।

इस बुकलेट को देखकर सबसे ज्यादा परेशान वे महिला उम्मीदवार थीं, जिन्हें अंग्रेजी तो दूर पंजाबी भाषा भी अच्छे ढंग से पढ़नी नहीं आती। उधर चुनाव अधिकारी का कहना था कि चुनाव आयोग ने जो मैटर भेजा, वही बांटा गया है। सरकार से उल्टी राह पर विभाग :

पंजाब सरकार पंजाबी भाषा को पूरी तरह से लागू करने के लिए जहां राज भाषा एक्ट में संशोधन कर रही है वहीं स्कूलों में पंजाबी को अनिवार्य बनाने के लिए एक अलग एक्ट लाया जा रहा है लेकिन विभागों को इससे कोई मतलब नहीं है। जिला व ब्लाक समितियों के चुनाव, जिनमें ग्रामीण लोगों ने भाग लेना होता है, में अंग्रेजी में लिखी बुकलेट बांटना किसी भी नजरिए से ठीक नहीं है।

खुद ही निकाला समस्या का हल :

प्रत्याशियों ने अचानक खड़ी हुई इस समस्या का हल अपने लेवल पर ही निकाल लिया।

ब्लॉक समिति का चुनाव लड़ रही कांग्रेसी महिला उम्मीदवार के पति बलबीर सिंह धनोआ ने बुकलेट का पंजाबी में अनुवाद कर उसकी प्रतियां अन्य उम्मीदवारों को बांटकर काम चलाया।





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