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स्टेडियम बनाया, लोन नहीं लौटाया

मोहालीपीसीए भले ही अपने आप को धनाढ़य एसोसिएशन बताती है, लेकिन असलियत ये है कि पीसीए ने मोहाली क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए जो लोन पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल (पीएसएससी) से लिया था, उसकी डेढ़ दशक गुजरने के बाद भी अदायगी नहीं की है। पीएसएससी ने अपने लोन की करीब 60 करोड़ रुपए की राशि पीसीए से लेने के लिए डीसी मोहाली के कोर्ट में केस किया है।

पीसीए द्वारा मोहाली क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करने के लिए वर्ष 1992 में करीब दस करोड़ रुपए और 1993 में 30 लाख रुपए लोन पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल (पीएसएससी) से ली थी। लेकिन करीब डेढ दशक के बाद भी पीसीए ने लोन की राशि पीएसएससी को वापस नहीं की है। पीएसएससी ने लोन वापसी के लिए कई बार पीसीए से पत्र व्यवहार भी किया, लेकिन ऋण वापस नहीं किया गया।

अब यह राशि बढ़कर अब 60 करोड़ रुपए हो गई है। डायरेक्टर स्पोर्टस पंजाब परगट सिंह ने बताया कि पीएसएससी की ओर से अपनी 60 करोड़ राशि की रिक्वरी के लिए डीसी मोहाली की कोर्ट में केस किया है। वहीं पीसीए ने जिस जमीन पर मोहाली क्रिकेट स्टेडियम बनाया है वह जमीन भी पीएसएससी की है जो पीसीए ने सभी कानूनों का उल्लंघन कर लीज पर ली हुई है।

इसको लेकर भी एक केस एसडीएम मोहाली की कोर्ट में किया गया है। इसी तरह पीएसएससी की जमीन के साथ पड़ी पूडा की कई एकड़ जमीन पर भी पीसीए ने अतिक्रमण कर निर्माण किया है। पीसीए के वीवीआईपी एवं वीआईपी गेटों का निर्माण भी स्टेडियम के आगे से गुजर रही सड़क के फुटपाथ पर अतिक्रमण कर किया गया है।

पीसीए ने जो दस करोड़ 30 लाख का ऋण लिया था उसे लौटया नहीं है, जो अब बढ़ कर 60 करोड़ हो गया है। इस राशि को पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।

-परगट सिंह, डायरेक्टर स्पोर्ट्स पंजाब

पीएसएससी की ओर से 60 करोड़ की रिक्वरी पीसीए से करवाने का केस किया गया है। इसकी सुनवाई के लिए 21 मई की तारीख रखी गई है।

-एच.आई.एस.ग्रेवाल, डीसी मोहाली।

ऋण वापस किया है कि नहीं इसकी मुझे जानकारी नही हैं। अभी तक रिकवरी के लिए हमारे पास कोई नोटिस पंजाब स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से नहीं आया है और न ही डीसी की ओर से कोई नोटिस हमें मिला है।

-जी.एस. वालिया, ट्रेजरर, पंजाब स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन।





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