अजमेर. दरगाह इलाके में पिछले महीने सीआईर्डी की गिरफ्त में फंसे बांग्लादेशियों को एसपी आनंद श्रीवास्तव के आदेश पर लेकर मंगलवार को पुलिस दल पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गया। पुलिस आरोपियों को बीएसएफ को सौंपेगी, जहां से उन्हें बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया जाएगा।
इनमें दो महिलाएं, चार बच्चे और तीन पुरुष शामिल हैं। अदालत के आदेश से सभी अब तक जेल में थे। बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ कैम्प से इनके बारे में तस्दीक रिपोर्ट मिलने के बाद देश निकाले की कार्रवाई की गई।
ये हैं घुसपैठिये
21 अप्रैल को खुफिया पुलिस के दल ने मुखबिर की इत्तला पर सिलावट मोहल्ले में खादिम सैयद नवाज चिश्ती के मकान में किराए से रह रहे मोहम्मद शमशुल हक, उसकी पत्नी कोहिनूर, इनके बच्चे मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद सलमान (ढाई) और रूबीना (10) को पकड़ा था। पांचवां पुत्र अलाउद्दीन (16) फरार हो गया।
शमशुल बांग्लादेश के टांगाई जिले के धनबाड़ी थाना इलाके और कोहिनूर बोरीसाल जिले के बाकरगंज थाना क्षेत्रकी रहने वाली है। इनकी सूचना पर खुफिया पुलिस ने 22 अप्रैल को कोहिनूर की चचेरी बहन सरीना बीबी को गिरफ्तार किया था।
उसके पति बब्बन व दो पुत्रियों के बांग्लादेशी होने की पुष्टि नहीं हुई थी। इसी तरह दरगाह इलाके में चाहरयार के पास आरोपी मोहम्मद युसुफअली और मोहम्मद अब्दुल कलाम पकड़े गये थे। दोनों बीस साल से अवैध रूप से भारत में थे। अजमेर में दोनों ने घर बसा लिया था।
कानून से हारी ममता
बांग्लादेशी सरीना अपनी बेटियों के बिना भारत छोड़ना नहीं चाहती थी। बीस साल पहले अपने पहले पति की प्रताड़ना से तंग आकर चचेरी बहिन व बहनोई के साथ अवैध रूप से अजमेर आई थी। यहां उसने बाबुल से शादी की थी। उसकी बड़ी बेटी अलवीरा बाबुल की संतान है।
बाबूल से अनबन होने पर उसने मुंबई निवासी बब्बन से निकाह कर लिया। पांच वर्षीय बेटी सीमा बब्बन की संतान है। भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 3 के मुताबिक सरीना के साथ उसकी बेटियों को बांग्लादेश नहीं भेजा जा सकता। बेटियों को बब्बन के हवाले कर दिया गया।
बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार
दरगाह इलाके में मंगलवार को पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठिए को गिरफ्तार कर लिया। वह पिछले सात माह से अवैध रूप से अजमेर में था। पुलिस के मुताबिक कालीगंज, ढाका निवासी हन्नान पुत्र अबुल कलाम को बड़ा पीर रोड से पकड़ा गया।
पूछताछ में उसने बताया कि करीब सात महीने पहले वह अवैध रूप से सीमा पार कर अजमेर आया था। वह दरगाह जियारत के लिए आया था लेकिन स्वदेश लौटने की बजाय यहीं रह गया। पुलिस ने फिलहाल उसके खिलाफ धारा 109 के तहत कार्रवाई की है। उसके नाम-पते की तस्दीक रिपोर्ट सीमा पर बीएसएफ कैम्प से मंगवाई जाएगी।