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सीएम की घोषणा याद, मूल भर्ती भूले

अजमेर. राजस्व विभाग की ढिलाई के कारण एक साल से पटवारियों की भर्ती नियमों के जाल में अटकी हुई है, लेकिन कार्मिक महकमा मुख्यमंत्री की एससी-एसटी का बैकलॉग पूरा करने की घोषणा किसी तरह पूरी करने के लिए नियमों में संशोधन की परवाह किए बगैर ही आनन-फानन में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देना चाहता है। कार्मिक विभाग ने रेवेन्यू बोर्ड प्रशासन को पत्र लिख कर राज्य में पटवारियों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी है।

बोर्ड प्रशासन ने कलेक्टरों के जरिए खाली पदों की जानकारी जुटाना भी शुरू कर दिया है। बोर्ड के आला अधिकारी भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि बिना नियमों में संशोधन के किस तरह भर्ती होगी। यही नहीं बोर्ड प्रशासन इस बात को लेकर भी पसोपेश में है कि कार्मिक महकमे को एससी-एसटी के रिक्त पदों की जानकारी दी जाए या फिर कुल रिक्त पदों की सूची भेजें।

मुख्यमंत्री का भाषण अंकित : कार्मिक विभाग ने बैकलॉग पूरा करने की कार्रवाई को असरदार बनाने के लिए रेवेन्यू बोर्ड को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री के भाषण के अंश तक लिख दिए।

पत्र में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि पिछली सरकार एससी-एसटी के 21 हजार पदों का बैकलॉग छोड़कर गई थी, लेकिन उनकी सरकार ने विभिन्न विभागों में नियुक्तियां और पदोन्नति देकर 10 हजार से भी ज्यादा का बैकलॉग कम कर दिया है। उनका लक्ष्य है कि सरकार के पांच साल पूरे होते-होते यह संख्या शून्य हो जाए।

मूल भर्ती को भूला विभाग
एससी-एसटी का बैकलॉग पूरा करने के लिए पटवारियों की भर्ती की कवायद में जुटा महकमा शायद यह भूल गया कि मूल भर्ती ही नियमों के जाल में उलझी हुई है। गौरतलब है कि राज्य में 1999 के बाद से पटवारियों की भर्ती नहीं हुई है। पिछले साल जून में रेवेन्यू बोर्ड ने आरपीएससी के जरिए डेढ़ हजार पद भरने की घोषणा की थी।

सरकार ने जिलावार भर्ती के तहत 80 प्रतिशत पद संबंधित जिले व 20 प्रतिशत अन्य जिले से भरने संबंधी निर्देश दिए थे। आरपीएससी ने परीक्षा आयोजन की तो सहमति दे दी, लेकिन 80 व 20 प्रतिशत के फामरूले से भर्ती किए जाने में असमर्थता जताते हुए नियमों में संशोधन के लिए रेवेन्यू बोर्ड और राजस्व महकमे को सूचना भेज दी, लेकिन करीब 11 महीने बाद भी सरकार नियमों में संशोधन नहीं कर पाई है, नतीजतन मूल पदों पर भर्ती अटकी हुई है।

नियमों में संशोधन के बगैर!
एससी-एसटी का बैकलॉग पूरा करने में जुटे कार्मिक महकमे को रेवेन्यू बोर्ड एक-दो दिन में रिक्त पदों की सूची सौंप सकता है। बोर्ड प्रशासन ने लगभग सभी जिलों से खाली पदों की जानकारी प्राप्त कर ली है, लेकिन मुख्य मुद्दा यह है कि जिलावार भर्ती के लिए लंबित संशोधन के बिना ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है या नहीं?

करीबन दो हजार पद खाली
राज्य में पटवारी के लगभग दो हजार पद खाली हैं। 31 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार खाली पदों की संख्या 1919 बताई जा रही है। सबसे ज्यादा 151 पद भीलवाड़ा जिले के पटवार मंडल में खाली हैं। अजमेर व चित्तौड़गढ़ प्रत्येक में 131 और नागौर में 121 पद रिक्त हैं। खाली पदों की सूचना एक माह पहले रेवेन्यू बोर्ड, राजस्व विभाग को भिजवा चुका है।

>> कार्मिक विभाग की ओर से मिले पत्र के आधार पर कलेक्टरों से रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की जा रही है। सभी वर्ग के रिक्त पदों की सूचना जल्द भेज दी जाएगी।
हनीफ मोहम्मद एडीशनल रजिस्टार, रेवेन्यू बोर्ड, अजमेर





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