बीकानेर.
हवा में तेजी का रुख शहर के लोगों को परेशान किए है। बुधवार को आखाबीज व गुरुवार को आखातीज है और शहर स्थापना दिवस के इस मौके पर जमकर पतंगबाजी होती है। ऐसे में हालांकि हवा अच्छी होने की उम्मीद में जमकर पतंगों और मांझे की खरीदारी तो हो रही है मगर छतों पर डटे लोग हवा कम होने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
दूसरी ओर शहर के हर घर में आखाबीज व तीज पर खीचड़ा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। आंगन में रखी ओखली में गेंहू या भीगी हुई बाजरी डालकर मूसÝ की चोट करती महिलाएं लगभग हर घर में देखी जा सकती है। हालांकि अब कूटा हुआ खीचड़ा भी बाजार में मिलने लगा है मगर स्वाद व गुणवत्ता के जानकार लोग घर पर तैयार खीचड़े को ही प्राथमिकता देते हैं।
इसी लिहाज से घर-घर खट-खट की आवाज के साथ खीचड़ा कूटा जा रहा है। खीचड़े के साथ ही परंपरागत तौर पर इमलाणी भी बनाई जाती है, ऐसे में हर परचूनी दुकान पर इमली की बोरियां रखी नजर आ रही है और इमली की खरीदारी भी जोरों पर है। रिवाज के अनुसार ही आखाबीज को नई मटकी छानी जाएगी, हांडी में इमलाणी बनाई जाएगी और बच्चे छोटी-छोटी मटकियों की आकार वाली लोटड़ियों में इमलाणी पीएंगे।
ऐसे में शहर के हर मुख्य बाजार, चौक, मोहल्ले की सड़क पर मटकी बेचने वाले नजर आ रहे हैं जिनकी अस्थायी दुकानों में हांडियां और लोटड़ियां भी मौजूद हैं। कुल मिलाकर शहर का हर खासोआम एक बार फिर अपने शहर का स्थापना दिवस पारंपरिक तरीके से मनाने की तैयारी में जुट गया है।
नगर स्थापना दिवस आज
अक्षय तृतीया पर असमंजस
अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बैशाख सुदी तीज को अक्षय मानते हुए कुछ पंचांग आखातीज आठ मई की बता रहे हैं तो कुछ पंचांग अक्षय तृतीया सात मई की बता रहे हैं। मंगलवार को दोपहर 1.56 बजे बाद द्वितीया तिथि शुरू होने के बाद से यह संशय शुरू हो गया।
ज्योतिष में उदय होने वाली तिथि को पूरी तिथि माना जाता है ऐसे में आठ मई को सुबह 6.22 बजे तक तृतीया तिथि है। इस दिन बीकानेर में सूर्योदय सुबह 5.54 बजे होगा। ऐसे में आखातीज आठ मई को मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने वाले कुछ पंचांगों में तृतीया सात मई को ही मानी गई है।