जोधपुर. आखातीज पर होने वाले बाल विवाह रोकने के लिए सरकार और प्रशासन कितना सतर्क है, इसकी बानगी सरकारी विभागों से जारी आदेशों में देखी जा सकती है। हर विभाग आदेश जारी कर अपने कर्तव्य की इति श्री करने में लगा है।
किसी के पास भी यह रिपोर्ट नहीं है कि कहां कितने बाल विवाह हो रहे हैं। मजेदार बात यह है कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुलिस, प्रशासन, जिला परिषद, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं बीडीओ को कंट्रोल रूम खोलने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि बुधवार को आखातीज से एक दिन पहले तक कहीं भी बाल विवाह होने की किसी के पास कोई सूचना नहीं है।
आखातीज पर होने वाले बाल विवाह की रोकथाम के लिए सभी विभाग आदेश जारी कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री ने 22 अप्रैल को प्रदेश के सभी ग्राम सरपंचों को निर्देशित करते हुए पत्र लिखा था। इसी दिन महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक ने सभी परियोजना निदेशकों को दो पेज का आदेश जारी किया।
25 अप्रैल को प्रमुख शासन सचिव, गृह मामलात एवं परिवहन विभाग एवं पदेन मुख्य सतर्कता आयुक्त ने कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके बाद 29 अप्रैल को जिला कलेक्टर ने भी बाल विवाह की रोकथाम के लिए आदेश जारी किए।
इधर शिक्षा विभाग व सतर्कता शिक्षा निदेशालय ने भी बाल विवाह रोकने के लिए अपने हिसाब से आदेश जारी कर अपना कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। सभी ने अपने आदेश में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की पालना करने के निर्देश दिए हैं।