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प्रशासन कब्जे हटाने को तैयार

कोटा. कोटा एयरपोर्ट इंचार्ज डीके गोरावत ने इंडियन एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार को हुई मीटिंग में सिक्योरिटी क्लियरेंस का मसला उठाया। कार्यवाहक संभागीय आयुक्त व कलेक्टर अभय कुमार की मौजूदगी में गोरावत ने कहा कि जब तक एयरपोर्ट की जमीन पर अवैध अतिक्रमण व पक्की बाउंड्रीवाल नहीं होती, नियमित उड़ानें प्रारंभ नहीं हो पाएंगी।

गोरावत ने सभी प्रशासनिक, औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा जनप्रतिनिधियों को बताया कि इस समय एयरपोर्ट की कुल जमीन में से 35 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा है। द्वारका बावड़ी कच्ची बस्ती तो नया अतिक्रमण है। जब तक एयरपोर्ट पर द्वारका बावड़ी की तरफ 225 मीटर की पक्की बाउंड्रीवाल नहीं बनती तथा घोड़ेवाली बस्ती की तरफ सुरक्षा पूरी नहीं होती विमानों का संचालन नहीं हो पाएगा।

गोरावत की इस जानकारी पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भुवनेश चतुर्वेदी ने कहा कि चुनावी साल है इसलिए सरकार तो इसे हटाने से रही। इसी बीच पीसीसी के सदस्य इंद्रमोहन ने भी अतिक्रमण हटाने की सिफारिश की।

गोरावत ने फिर बताया कि निर्धारित मापदंडों के मुताबिक एयरपोर्ट की सुरक्षा जरुरी है। इस पर जिला कलेक्टर अभय कुमार ने सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डीजीएम केएस रघुरामन के साथ ही बातचीत का जिक्र करते हुए गोरावत से कहा कि वे उसके खिलाफ बातचीत कर रहे हैं।

बहरहाल, बाद में कलेक्टर ने सभी उपस्थित लोगों के समक्ष आश्वस्त किया कि हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिए जो भी जरूरी होगा किया जाएगा। बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी और अतिक्रमियों को हटाया जाएगा।

जन-प्रतिनिधि नदारद
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भुवनेश चतुर्वेदी व पीसीसी सदस्य इंद्रमोहन सिंह तथा भाजपा के संसदीय भवानी सिंह राजावत के अलावा कोई भी जनप्रतिनिधि मीटिंग में नहीं पहुंचा। मीटिंग में रघुवीर सिंह कौशल, ओम बिरला, भरत सिंह, प्रहलाद गुंजल, प्रभुलाल महावर, शांति धारीवाल, रामकिशन वर्मा तथा पूर्व महाराज कुमार इज्येराज सिंह नहीं पहुंचे।

एयरपोर्ट पर बकरियां
इंडियन एयरलाइंस के प्रतिनिधि जब मंगलवार को एयरपोर्ट पर मौजूद सुविधाओं का जायजा लेने के लिए पहुंचे तो वहां बकरियों को घूमता देखकर चिंतित हो गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने इसका जिक्र करते हुए कहा कि यात्रियों की जान का रिस्क नहीं लिया जा सकता। आवारा पशुओं व पक्षियों पर रोक जरूरी है। बाउंड्रीवाल की ऊंचाई फेंसिंग समेत इतनी हो कि पशु अंदर न आ सकें।

सरकार तत्पर
संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत ने कहा कि हवाई सेवा शुरू करने में आ रही रुकावटों को दूर किया जाएगा। अवैध बस्ती को हटाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

3000 रुपए तक हो सकता है किराया?
ट्रेवल एजेंटों के मुताबिक यदि इंडियन एयरलाइंस 46-47 सीटर विमान सेवाएं प्रारंभ करता है तो कोटा से दिल्ली व मुंबई का किराया 3000 रुपए तक हो सकता है। इसमें मूल किराया 275 रुपए तथा शेष 2725 रुपए टैक्स के होंगे। दिल्ली जाने में 50 मिनट तथा मुंबई जाने में 1.30 घंटे का समय लगेगा।





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