अमृतसर/गुरदासपुरगुमटाला सैंट्रल जेल में मैडिकल सुविधाओं के अभाव का खामियाजा कैदियों और हवालातियों को भुगतना पड़ रहा है। कहने को तो जेल में डिस्पैंसरी है, लेकिन इसमें इलाज के लिए कोई भी खास इक्यूपमैंट नहीं हैं। ऐसे में छोटी-मोटी समस्याओं के इलाज के लिए भी मरीज को अस्पताल भेजना पड़ता है। जेल में 2500 कैदियों और हवालातियों पर सिर्फ एक डॉक्टर है और एक अन्य डॉक्टर डैपूटेशन पर है।
इलाज के लिए यहां सिर्फ नॉर्मल पेनकिलर, पट्टियां, ग्लूकोस आदि ही हैं। जेल में बनी डिस्पैंसरी में पचास बेडों की व्यवस्था है, पर इलाज के लिए बीपी एपरेटस और स्टेथोस्कोप के अलावा एक भी इक्यूपमैंट नहीं है।
इसके लिए प्रबंधन के पास एक भी एंबुलैंस नहीं है। बॉर्डर बैल्ट में मैडिकल कालेज अमृतसर में होने के कारण गुरदासपुर, जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला के कैदी भी इलाज के लिए यहीं आते हैं।
कई बीमारियों के मरीज
इसके अलावा एचआईवी पॉजीटिव की संख्या 50-60 के करीब है। मिर्गी के भी काफी मरीज हैं। टीबी मरीजों के लिए तो डॉट्स की व्यवस्था की गई है। लैबोरेट्री की व्यवस्था न होने पर ब्लड टैस्ट, शुगर टैस्ट जैसी मामूली जांच के लिए कैदियों और हवालातियों को बाहर भेजा जाता है। नर्स न होने के कारण महिला कैदी और हवालातियों के लिए परेशानी और भी बढ़ जाती है।
सिस्टम में भी कमी
जेल मैनुअल में सप्ताह में एक बार कैदियों और हवालातियों के चैकअप का प्रावधान है। सिविल अस्पताल के माहिरों के समय-समय पर जेल में जाकर चैकअप करने की व्यवस्था भी है, लेकिन ये सिर्फ कागजी। जेल में कभी सरकारी तौर पर मैडिकल कैंप लगाने तक की व्यवस्था नहीं की गई।
ऐसे मिलता है भागने का मौका नियमानुसार कैदियों और हवालातियों को बाहर ले जाने का जिम्मा पुलिस का है, पर समय पर गारद न भेजने के कारण इमरजैंसी में जेल प्रबंधन को ही इसकी व्यवस्था करनी पड़ती है। अस्पताल में दाखिल कैदी की देखरेख की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण कैदी और हवालाती अकसर पुलिस को चकमा देकर भाग निकलते हैं।
गुरदासपुर जेल की भी यही स्थिति :
गुरदासपुर जेल के डॉक्टर केडी सिंह के मुताबिक रोजाना 150-200 कैदियों की ओपीडी होती है, जबकि 12 बिस्तर के जेल अस्पताल में कोई जगह खाली नहीं है। इस समय दो बाईपास सर्जरी, एक हार्ट अटैक, एक अस्थामा और चार टीबी के मरीज हैं। मैडिकल सुविधाओं के मामले में यहां की हालत भी अमृतसर जेल जैसी ही है।