जालंधर. राज्य की जेलों में अब घातक बीमरियों से पीड़ित कैदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस समय जेलों में एड्स के 22 कै दी हैं। ये तो वे कैदी हैं जिनकी पहचान हो गई है।
जेल अधिकारी खुद दबी जुबान में यह स्वीकार करते हैं कि जेलों में एचआईवी पॉजीटिव कैदियों की संख्या ज्यादा है। प्रतिदिन जेलों में करीब 1500 कैदी आते हैं। जालंधर जेल में इस समय तीन एचआईवी पॉजीटिव और 7 टीवी रोग से पीड़ित कैदी हैं।
लुधियाना सैंट्रल जेल में एड्स के 2 कैदी लुधियाना . यहां की सैंट्रल जेल में दो कैदी ऐसे हैं जिन्हें एचआईवी पॉजीटिव पाया गया। इनमें से एक कैदी कत्ल के मामले में उम्र कैद की सजा भुगत रहा है। उसकी सजा दो महीने में पूरी होने वाली है। कत्ल के एक अन्य मामले में विचाराधीन कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव है। यह दोनों नवांशहर और लुधियाना के रहने वाले हैं। जेल सुपरिटैंडैंट कुलदीप सिंह के मुताबिक, दोनों का इलाज जालंधर स्थित एचआईवी सैंटर और पीजीआई, चंडीगढ़ से चल रहा है।