अमृतसरबारिश के मौसम में सड़क और गलियों में घुटनों तक जमा होने वाले पानी और उसकी गंदगी से शहरवासियों को निजात मिल सकेगी। साथ ही इस पानी को जमीन के भीतर भेज कर गिरते भू-जल स्तर को भी ठीक किया जा सकेगा। फिलहाल इस पर काम शुरू कर दिया गया है। राज्य में पहली बार होने वाली इस कोशिश को अंजाम दे रही है शहर की प्रमुख संस्था आर्किटैक्टरल रीजनल रिसर्च आर्गेनाइजेशन।
अनूठी पहल :
संस्था के सचिव एवं प्रमुख आर्किटैक्ट रावल सिंह औलख ने बताया कि बारिश के मौसम में अक्सर सड़कों और गलियों में पानी खड़ा हो जाता है। इससे जहां जन-जीवन प्रभावित होता है वहीं पानी का भी सही उपयोग नहीं हो पाता। इसे रोकने के लिए उनकी संस्था ने पहल की है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनकी टीम के 15 लोग काम करेंगे। इसमें जीएनडीयू के संबंधित विभाग के लोग भी शामिल रहेंगे। उनका दावा है कि यह राज्य में अपनी तरह की पहली कोशिश है। इसके लिए सर्वे शुरू किया जा चुका है जिसे सरकार और नगर निगम को सौंपा जाएगा।
चिन्हित होंगे स्पाट :
औलख के मुताबिक शहर के जल भराव वाले स्थानों को चिन्हित किया जाएगा। इसमें गंगा बिल्डिंग, हाल बाजार के बाहर, बस स्टैंड, पुतलीघर, निगम आफिस के बाहर, किला गोबिंदगढ़ के आसपास के इलाकों के अलावा अंदरूनी शहर का हिस्सा भी लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पानी को दो टबों के माध्यम से फिल्टर करके जमीन के भीतर भेजा जाएगा। उनका कहना है कि अगर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाए तो पांच सालों की बारिश से भू-जलस्तर को काफी हद तक मेंटेन किया जा सकता है।
सर्वे पर 50 लाख का खर्च :
इस प्रोजैक्ट को तैयार करने में करीब 50 लाख का खर्च आएगा। औलख ने बताया कि बाहरी हिस्सों का खर्च 30 लाख होगा तो शहर के अंदरूनी हिस्से पर 20 लाख का बजट है। उन्होंने कहा कि इसे सरकार और नगर निगम को भेजा जाएगा। इसके बाद मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।