भोपाल. जिसका क्षय न हो वह अक्षय होता है। अक्षय तृतीया तमाम शुभ तिथियों में सिरमौर है। इस दिन किए जाने वाले शुभ कार्य पूजा, उपासना, दान, पुण्य यहां तक की खरीदी तक का अच्छा फल मिलता है।
ये मत है पंडितों का, उनका कहना है कि इस दिन मिट्टी आदि के कलश दान करने और स्वर्ण व तांबा खरीदी का विशेष महत्व है। इस बार अक्षय तृतीया से एक दिन पहले बुधवार को सवार्थ सिद्धी योग में भी इन वस्तुओं की खरीदी शुभ रहेगी। संयोग से इसी दिन दोपहर से तृतीया तिथि भी शुरू होगी।
पंडितों का कहना है कि विभिन्न पंचांगों में अक्षय तृतीया बुधवार दोपहर से शुरू होगी। इस दिन भी उपनयन और अन्य संस्कार व धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। पं. भंवरलाल शर्मा का कहना है कि अधिकांश लोग गुरुवार को ही अक्षय तृतीया मनाएंगे। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार इस दिन सोने और तांबे की वस्तुएं खरीदना शुभ और लाभकारी माना गया गया।