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खतरनाक है प्रैगनेंसी में कैफीन का सेवन

जालंधर कैफीन का स्वाद आपको गुलाम बना सकता है। विमन इस स्वाद को प्रैगनेंसी से पहले चाहें तो छोड़ सकती हैं, मगर प्रैगनेंसी के बाद डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वे इसे छोड़ नहीं पाती हैं। कैफीन की आदि हो चुकी विमन मना करने के बाद इसे चोरी छिपे लेना शुरू कर देती हैं, जो और भी खतरनाक होता है, क्योंकि पहले ये आदत प्रैगनेंसी से डिलीवरी तक मां को और फिर बच्चे पर नकारात्मक असर छोड़ती है।

फॉलिक एसिड है बचाव

प्रैगनेंसी के दौरान कैफीन लेने वाली विमन में इसकी मात्रा बढ़ने से मां और बच्च दोनों की हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। कभी तो ये टूट भी जाती हैं। ऐसी महिलाओं के बच्चों की ग्रोथ भी कम हो जाती है। साथ ही बच्चे को जन्म से ही फिजीकल प्रॉब्लम्स रहने लगती हैं। इससे बचाव के लिए प्रैगनेंट विमन को फॉलिक एसिड दिया जाता है, ताकि कैफीन से होने वाली प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाया जा सके। मानसिक विकार का कारण बनती आदत :

ओबराय

हॉस्पिटल की गायनी डॉ. हरिंदर कौर ओबराय ने बताया कि प्रैगनेंसी के दौरान कैफीन का सेवन करने से बच्चे और मां दोनों पर रोग के जल्द हमले का डर रहता है। खासकर प्रैगनेसी के पहले तीन महीनों में तो इससे एकदम परहेज करना चाहिए, क्योंकि इन्हीं महीनों में बच्चे की पूरी तरह से ग्रोथ होनी होती है। डॉक्टर का कहना है कि अगर कैफीन (चाय व कॉफी ) एकदम से नहीं छोड़ी जा सकती तो दिन में एक या दो कप लेकर धीरे-धीरे इसे बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों की ग्रोथ कम तो कम होगी ही साथ ही बच्चे में मानसिक विकार आना भी संभव है।

चॉकलेट-कोल्ड ड्रिंक्स में भी कैफीन :

चावला नर्सिग होम की गायनी डॉ. दिपाली चावला लुथरा कहती हैं कि लेडीज को प्रैगनेंसी के दौरान चॉकलेट कोल्ड ड्रिंक्स पंसद आते हैं, इनमें भी कैफीन की मात्रा होती है। वे कहती हैं कि इनके ज्यादा सेवन से ओस्ट्रियो प्रोसेस ‘हड्डियां खुरना ’ यानि कमजोर होना शुरू हो जाती हैं। इसलिए प्रैगनेंट विमन को इनसे छुटकारा पाना चाहिए।

नींद पूरी करें :

पटेल हॉस्पिटल की डायटिशिनय डॉ. पारूल कहती हैं कि प्रैगनेंट विमन को अपना खास ख्याल रखना चाहिए और कैफीन वाली चीजों से छुटकारा पाकर दूध, फ्रूट जैसी चीजों के साथ प्रोटीन की चीजों पर ज्यादा जोर देना चाहिए। प्रैगनेंट विमन को स्वास्थ्य के लिए पूरी नींद लेनी चाहिए, ताकि उन्हें थकावट दूर करने के लिए कैफीन का सेवन न करना पड़े।

इन्होंने उठाई परेशानी

प्रोफैशनल सुनेना बताती है कि प्रैगनेंसी के दौरान कभी थकावट को दूर करने के लिए वे जब चाय पीती थीं तो घबराहट व जलन सीने में शुरू हो जाती थी, जिस वजह से बहुत सी प्रॉब्लम्स उन्होंने फेस कीं। इस लिए चाय या कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।

हाउस वाइफ वनिता शर्मा कहती हैं कि प्रैगनेंसी से पहले मैं काफी चाय पीती थी, लेकिन प्रैगनेंसी के दौरान जब वे चाय या काफी पीतीं तो उल्टी आने की फीलिंग होती। इसलिए उन्हें चाय और कॉफी छोड़नी पड़ी।





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