न्यूयार्क. यह आम धारणा है कि आयरन (लौह ) हमारे शरीर के लिए आवश्यक है। आमतौर पर बच्चों के कमजोर होने पर अभिभावक उसे आयरन की दवा देने के बारे में सोचने लगते हैं लेकिन नहीं, जरा ठहरिए। न्यूयार्क में किए गए एक नए शोध से यह सामने आया है कि शिशुओं को अधिक मात्रा वाली आयरन की दवा देना नुकसानदेह हो सकता है।
मिशीगन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता बीटसे लोजफ ने कहा, ‘‘हमारे शोध के परिणाम चौंकाने वाले हैं।’’ अमेरिका में आमतौर पर बच्चों को आयरन की कमी से बचाने वाली जो दवाएं आती हैं, वह सभी 12 एमजी की होती हैं जबकि यूरोप में अपेक्षाकृत कम मात्रा वाली दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
विश्वविद्यालय ने दस साल तक के 494 बच्चों पर शोध किया और पाया कि जिन बच्चों को 12 एमजी वाली दवाएं दी गईं उनका शारीरिक विकास उन बच्चों की तुलना में कम हुआ जिन्होंने कम मात्रा वाली दवा ली थी।
लोजफ ने कहा, ‘‘मेरे लिए परिणाम चौंकाने वाले थे। मैंने सोचा था कि 12 एमजी दवा लेने वाले बच्चे ज्यादा विकास करेंगे लेकिन हुआ इसका उल्टा।’’
गौरतलब है कि इन निष्कर्षो का बच्चों के लिए विभिन्न खाद्य सामग्री बनाने वाले कंपनियों पर बुरा असर पड़ सकता है।