नई दिल्ली.आपूर्ति में संकट के मद्देनजर क्रूड यानी तेल की कीमत आने वाले 6 से 24 महीनों के बीच 150 से 200 डालर प्रति बैरल तक चढ़ सकती है।
गोल्डमैन सैस से जारी अनुमान के अनुसार यूरोप व अमेरिका में बढ़ती मांग और आपूर्ति में कमी को देखते हुए ऊर्जा संकट के आगे भी जारी रहने की संभावना है।
अनुमान रिपोर्ट के अनुसार कीमतों में तेजी से निवेशक तेल कंपनियों में निवेश के प्रति प्रोत्साहित होंगे। अजरुन एन मूर्ति की अध्यक्षता में हुए इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि एथनाल के उत्पादन में बढ़ोतरी से आपूर्ति में सुधार की गुंजाइश कम ही दिखती है, उल्टे एथनाल उत्पादन में गन्ना, मक्का व पाम तेल के अत्यधिक इस्तेमाल से वैश्विक स्तर पर इन कृषि जिंसों की कीमतों में और तेजी आएगी।
एमएफ ग्लोबल से जुड़े समीक्षक जान किल्डफ के अनुसार चीन और भारत से मांग में तेजी, डालर में नरमी, ओपेक राष्ट्रों का आपूर्ति मामले में अड़ियल रवैया व ईरान, इराक व नाईजीरिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष को लेकर आपूर्ति में आए व्यवधान तेल की कीमतों में रिकार्ड तेजी के लिए जिम्मेदार हैं।