कभी चौकों-छक्कों की बरसात तो कभी विकेटों का पतझड़। हर शॉट और विकेट पर थिरकतीं चीयर लीडर्स। इस तपती गरमी में आईपीएल पल-पल रंग बदलता है।‘मनोरंजन का बाप’ साबित हो रही इस क्रिकेट लीग में एक-एक रन के लिए संघर्ष हो रहा है। इस फटाफट क्रिकेट में उत्तेजना का चरम है और नस को चीरने वाला दबाव भी। ऐसे में विवाद भला कब तक लीग से दूर रहते।
तभी तो महज 20 दिन पूर्व शुरू हुए आईपीएल में खिलाड़ी से लेकर अंपायर तक निलंबित हो चुके हैं। कहीं कोच की फीस कट रही है तो कहीं सीईओ हटाए जा रहे हैं। चीयरलीडर्स का शांतिपूर्वक विरोध पत्थरबाजी में बदल गए हैं। एक नजर आईपीएल के अब तक के विवादों पर हैं।
1. हरभजन का तमाचा
यदि क्षमता होती तो आईपीएल आयोजक या क्रिकेट प्रेमी कब का हरभजन का तमाचा ‘डिलीट’ कर चुके होते। पर ऐसा हो नहीं सकता। मोहाली में पंजाब किंग्स के श्रीसंथ को तमाचा हरभजन का ऐसा दुष्कृत्य था, जो आईपीएल विवादों की सूची में शीर्ष स्थान पर आने का हकदार है। हरभजन को इस कृत्य के लिए आईपीएल के बाकी बचे 11 मैचों से निलंबित कर दिया गया। 2.अंपायर साहेबा पर दो मैचों का बैन
अंपायर अमीश साहेबा पर भी ‘थप्पड़ विवाद’ की गाज गिरी। अमीश ने इस विवाद पर मीडिया को बताया कि मैच के दौरान श्रीसंथ विपक्षी बल्लेबाजों पर छींटाकशी कर रहे थे। अंपायर ने उन्हें इसके लिए दो बार चेतावनी भी दी। साहेबा को आईपीएल नियमों के अनुसार मैच रेफरी को इस बाबत रिपोर्ट देनी चाहिए थी, जबकि वह मीडिया से मुखातिब हो गए। साहेबा को उनकी इस गलती के लिए आईपीएल के दो मैचों से निलंबित कर दिया गया।
3. कोच राजपूत पर जुर्माना
मुंबई इंडियंस के कोच लालचंद राजपूत पर भी ‘थप्पड़ विवाद’ की आंच आई। उन्हें अपने खिलाड़ी को नियंत्रित न करने का दोषी पाया गया। इसके लिए उन पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना किया गया। दरअसल जब हरभजन ने श्रीसंथ को तमाचा जड़ा, तब राजपूत उनके पीछे खड़े यह सब देख रहे थे। थप्पड़ के बावजूद भज्जी को नहीं रोकना राजपूत का दोष था।
4. गांगुली ने बनाया अंपायर पर दबाव
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बंगाल टाइगर सौरव गांगुली आउट होने से कुछ ऐसा डरे कि वे अंपायर पर दबाव बनाने की रणनीति पर उतर आए। हुआ ऐसा कि नाइट राइडर्स के कप्तान सौरव ने मिडविकेट पर शॉट खेला, जिसे ग्रीम स्मिथ ने ‘लपक’ लिया। सौरव दौड़े-दौड़े अंपायर के करीब आए और उन्हें टीवी अंपायर की मदद लेने को कहा। टीवी अंपायर ने उन्हें नॉट आउट कहा। इससे भन्नाए विपक्षी कप्तान शेन वार्न ने मीडिया के समक्ष सौरव का जमकर ‘गुणगान’ किया। सौरव को अंपायर पर दबाव बनाने और वार्न को सीधे मीडिया से मुखातिब होने का दोषी पाया गया और मैच फीस की 10-10 फीसदी राशि काट ली गई। दबाव में आने वाले अंपायर प्रताप कुमार को भी एक मैच के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
5. इशांत का गुस्सा
किंग्स एकादश पंजाब के खिलाफ इशांत को कुछ ऐसा गुस्सा आया कि उन्होंने स्टंप पर लात मारने से भी गुरेज नहीं किया। मैच रेफरी क्लाइव लॉयड ने कोलकाता नाइट राइडर्स के इस गेंदबाज की 10 फीसदी मैच फीस काटने का फैसला सुनाया।
6. चारु को चलता किया
बेंगलुरू रॉयल चैलेंजर्स के खराब पदर्शन का परिणाम टीम के सीईओ चारु शर्मा को भुगतना पड़ा। आईपीएल की बेंगलूर फ्रेंचाइजी ने उनके स्थान पर पूर्व टेस्ट क्रिकेटर बृजेश पटेल को यह जिम्मेदारी सौंपी। फ्रेंचाइजी रखने वाली कंपनी ने यूं तो चारु के जाने को उनका निजी फैसला बताया। लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें पद छोड़ने को कहा गया। संदेश स्पष्ट है, लाभ के लिए मैदान पर उतरे ‘खिलाड़ी’ हार बर्दाश्त नहीं करेंगे।
7. चीयरलीडर्स पर हमला
भारतीय संस्कृति के नाम पर चीयरलीडर्स का विरोध कर रहे लोग अपनी ही संस्कृति भूल गए और यह विरोध हिंसत्मक हो गया। जयपुर में चार मई को राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के मुकाबले के दौरान दर्शकों ने चीयरलीडर्स पर बोतल और खाने के पैकेट फेंकने शुरू कर दिए। सवाई मान सिंह स्टेडियम के पूर्वी स्टैंड में हुई इस घटना के बाद लगभग एक घंटे के लिए चीयरलीडर्स मैदान से बाहर आ र्गई। मैच समाप्त होने से आधे घंटे पूर्व वे फिर लौटीं और दर्शकों का मनोरंजन किया।
8. प्रीटि ने किया पक्षपात
जब एक ही टीम में चार-पांच करोड़ और दस-बारह लाख के खिलाड़ी एक साथ हों तो जरूरी नहीं कि उनके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाए। कम से कम किंग्स एकादश
पंजाब टीम में तो ऐसा ही है। तभी तो टीम प्रबंधन ने सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के रुकने के लिए अलग-अलग स्तर के होटल चुने।
एक मई को प्रबंधन ने पांच खिलाड़ियों अजितेश अर्गल, यश गांधी, ऋषि धवन, साहिल कुकरेजा और पंकज धरमाणी को घर लौटने का फरमान जारी कर दिया।
9.पिच का पेंच :
कोलकाता के ईडन गार्डन पर 20 अप्रैल को पिच ने ऐसा रंग दिखाया कि खिलाड़ियों के साथ मैच आयोजक भी भौचक्के रह गए। पिच में गेंद कुछ तरह घूमी कि डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाज घनचक्कर बन गए और पूरी टीम 110 रन ही बना सकी। इस साधारण लक्ष्य को पाने में भी कोलकाता नाइट राइडर्स को पसीने आ गए। इससे खफा नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान ने बंगाल क्रिकट एसोसिएशन से आस्ट्रेलियाई क्यूरेटर बुलाने की बात कही। बीसीसीआई ने भी अपने ग्राउंड और पिच कमेटी के अध्यक्ष दलजीत सिंह को पिच की जांच करने का कहा। बढ़ते विवाद को देखकर विवादित पिच के क्यूरेटर कल्याण मित्रा ने दोनों टीमों से माफी मांगने में ही भलाई समझी। बहरहाल लीग के अन्य मैचों में ऐसी शिकायत नहीं मिली।