भोपालप्रदेश के तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा पीईटी की तिथि पर फिर विवाद मंडरा रहा है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा घोषित पीईटी की तिथि 21 और 22 जून कई छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इस बार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आईआईटी की काउंसिलिंग भी 21 जून को होने से कई छात्रों को पीईटी में शामिल न हो पाने की चिंता सता रही है। ऐसे छात्रों के पालक पीईटी की तिथि में बदलाव करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश में पहले ही पीईटी की तिथि घोषित होने में काफी देरी हो चुकी है। अब इसकी तिथियां राष्ट्रीय परीक्षा की प्रक्रिया से टकराने से पीईटी की तारीख बदले जाने की मांग उठ रही है। इस समस्या से कई छात्रों के सामने पीईटी मे शामिल न हो पाने का संकट आ खड़ा हुआ है क्योंकि आईआईटी जेईई परीक्षा की काउंसिलिंग मुंबई में 18 से 21 जून तक हो रही है।
इस परीक्षा में प्रदेश के भी करीब तीन हजार छात्र शामिल हुए हैं। चूंकि छात्रों के सामने राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में सीट मिलने में अनिश्चितता की स्थिति बनी रहती है, इस वजह से सभी छात्र प्रदेश की पीईटी में भी शामिल होते हैं, ताकि वहां सीट न मिलने पर प्रदेश के अच्छे संस्थानों में प्रवेश पा सकें। इसलिए पीईटी की तारीख छात्रों की परेशानी का कारण बन गई है।
व्यापमं की भी परेशानी
आईआईटी की काउंसिंिलंग की जानकारी ऐसे समय सामने आई है जबकि व्यापमं ने पीईटी की तिथि का उल्लेख करके नियम पुस्तिकाएं और आवेदन छपवा लिए हैं। ऐसी स्थिति में एक लाख नियम पुस्तिकाओं को बदला जाना व्यापमं के लिए संभव नहीं है। व्यापमं का तर्क है कि आईआईटी की काउंसिलिंग तक पहुंचने वाले ज्यादातर छात्रों के लिए पीईटी का ज्यादा महत्व नहीं रह जाता और फिर ऐसे छात्रों की संख्या भी बहुत कम होती है। व्यापमं कंट्रोलर एसके भदौरिया का कहना है कि सभी तरह की परिस्थितियों पर विचार करके यह तिथि तय की गई है। आईआईटी में शामिल छात्रों की संख्या देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल तिथि बदला जाना मुश्किल है।