भोपाल अब प्रदेश स्तर का हथियार लाइसेंस लेने के लिए लोगों को भोपाल के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे। राज्य शासन कलेक्टर के हथियार लाइसेंस देने के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि करने जा रहा है। कलेक्टर जिले के बजाय पूरे प्रदेश की सीमा का हथियार लाइसेंस दे सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार एक पखवाड़े में प्रदेश की सीमा के लिए हथियार का लाइसेंस चाहने वाले व्यक्तियों के करीब ढाई हजार प्रकरण मंत्रालय आए थे। गृह विभाग अभी तक करीब एक हजार आवेदनों का निराकरण कर चुका है। डेढ़ हजार प्रकरण विभिन्न स्तर पर लंबित हैं।
प्रदेश की सीमा वाले हथियार लाइसेंस की इतनी बड़ी संख्या को देखकर गृह विभाग ने जिला कलेक्टरों को इसके अधिकार देने का प्रस्ताव गृह मंत्री हिम्मत कोठारी के सामने रखा है। सूत्र बताते हैं कि श्री कोठारी ने मंगलवार को इस पर अपनी सहमति दे दी है। बताया जाता है कि कलेक्टर के हथियार लाइसेंस अधिकार बढ़ने संबंधी आदेश जल्द ही जारी हो जाएंगे। हालांकि गृह विभाग प्रतिबंधित हथियार के लाइसेंस के अधिकार अपने पास ही रखेगा।
आज क्या स्थिति है:
जिलों में रोजाना कई आवेदन किए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर प्रदेश की सीमा के लिए हथियार लाइसेंस मांगे जाते हैं। आज की स्थिति में सीमा का हथियार लाइसेंस लेने वाले को कई बार मंत्रालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं।
हथियार डीलर्स को भी राहत: सूत्र बताते हैं कि राज्य शासन हथियार डीलर्स को भी लाइसेंस के नवीनीकरण के नियम में बदलाव कर राहत देने जा रहा है। अभी डीलर्स को हर साल अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना पड़ता है और इसके लिए उन्हें भोपाल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। राज्य शासन उनके लिए तीन साल में एक बार नवीनीकरण कराने का नियम बनाने जा रही है।