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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरीपूर्व मंत्री और पिछोर के विधायक केपी सिंह ने कहा कि गांवों से रोटी, पानी और काम के अभाव में हजारों मजदूर पलायन कर गए हैं। चैतुए एवं अन्य मजदूरों के पलायन का जो प्रतिशत पिछले चार सालों पूर्व 10 प्रतिशत रहता था, वह इस साल 50 प्रतिशत हो गया है। बावजूद इसके प्रदेश की भाजपा सरकार दावे और वादे किए जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि न ही गांवों में इंसानों के लिए पानी है और न मवेशियों के लिए चारा। रही बिजली की बात, जो इस सरकार में बेमानी हो गई है और गांव तक क्या जिला मुख्यालय और संभाग स्तर पर घंटों बिजली गुल हो रही है।
बुधवार को आहूत पत्रकारवार्ता में श्री सिंह ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जनता को मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है और अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए वह महंगाई का राग अलाप रही है। श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले एक माह में पिछोर विधानसभा क्षेत्र के दो सैकड़ा गांवों का दौरा किया है, जहां छह सैकड़ा हैंडपंप बंद मिले हैं, लेकिन सरकार के विभाग के कागजों में ये हैंडपंप चालू हैं।
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पशुचारे, पानी एवं मजदूरों को काम देने के दावे कर रही है, पर हकीकत यह है कि भीषण जल और चारे संकट होने के बाद भी एक भी पशु कैंप जिले में नहीं लगाया गया है और काम के अभाव में आदिवासी एवं गरीब किसान पलायन कर रहे हैं। गांव के तालाबों और बावड़ियों में पानी नहीं हैं। कहने के लिए पंचायतों पर टैंकर हैं, पर पानी का परिवहन नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि इसके लिए सीईओ जनपद पंचायत से अनुमति लेने की बाध्यता कर दी गई है।
बिजली में असफल हुई भाजपा
केपी सिंह ने कहा कि चार साल पूर्व जब भाजपा सरकार में आई, तब हर गांव और शहर को बिजली देने का दावा किया गया, पर आज गांवों में 12 से 14 घंटे कटौती हो रही है और संभाग, जिला व तहसील स्तर में क्या है, ये हम देख रहे हैं।
सूखे के नाम पर धेला नहीं
श्री सिंह ने कहा कि पड़ोसी उप्र एवं इससे लगे जिलों में सूखे से प्रभावित किसानों को प्रति हैक्टेयर के हिसाब से मुआवजा बांटा गया है, पर शिवपुरी इसका सर्वे ही नहीं किया गया। स्थिति यह है कि सरकार ने जानबूझकर सूखे के नाम पर पंचायतों को एक धेला भी पैसा नहीं दिया है।
कैसे लगेंगे हैंडपंप और ट्यूबवैल
श्री सिंह ने कहा कि सरकार के पास ड्रिलिंग मशीन नहीं है। ये मसला हमारे विधायक ने विधानसभा में उठाया। शिवपुरी विधायक अनशन पर भी बैठे। ऐसे में पिछोर में एक और शिवपुरी में दो मशीनें काम कर रही हैं, पर एक मशीन एक हैंडपंप खनन में दो दिन लगाती है। ऐसा चला तो 100 हैंडपंप खनन करने में दो सौ दिन लगेंगे।
भ्रष्टाचार को मंत्रियों की सहमति श्री सिंह ने आरोप लगाया कि ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में 50 से 60 प्रतिशत तक कमीशनखोरी हुई है। यह सब मंत्रियों की नजर के सामने हो रहा है, इसलिए कहा जा सकता है कि इसमें उनकी सहमति है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सबसे अधिक पैसा खर्च हुआ है और सबसे अधिक पलीता भी मप्र में इसे लगाया गया है। श्री सिंह ने कहा कि 70 प्रतिशत जॉबकार्ड फर्जी हैं, जब मेरा ही जॉबकार्ड जारी कर दिया गया है तो और क्या कहा जा सकता है।