Manoranjan
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बेशक, आज की हीरोइनें पारिश्रमिक के मामले में हीरो को चुनौती दे रही हों। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में अब भी दबदबा पुरुषों का ही है। अब देखिए ना, तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर से पंगा क्या लिया, पूरी इंडस्ट्री उनसे दूर भागने लगी है। हालांकि अभी तक यह निश्चित नहीं हो पाया है कि ग़लती किसकी थी। कइयों का तो यह भी कहना है कि यह सारा मामला पहले से तय था, सब कुछ पब्लिसिटी के लिए किया गया। लेकिन अगर वाक़ई ऐसा था, तो तनुश्री को यह प्री-प्लानिंग वाली पब्लिसिटी काफ़ी महंगी पड़ रही है।
शुरू-शुरू में कहा गया कि झारखंड की तनुश्री और मुंबई के नाना का मामला राजनीतिक रूप लेकर महाराष्ट्र बनाम उत्तर भारतीय मुद्दे में बदल सकता है। लेकिन नाना ने ऐन व़क्त पर उन्हें अपनी ‘बेटी जैसी’ कहकर न सिर्फ़ किसी संभावित विवाद को वहीं ख़त्म कर दिया, बल्कि अपनी इमेज भी पाक साफ़ कर ली। दूसरी ओर निर्माता हैं कि तनुश्री से दूर रहने में ही भलाई समझ रहे हैं। दरअसल, उन्हें लगता है कि तनुश्री कभी भी नखरे दिखाकर उन्हें मंझधार में छोड़ सकती हैं। इसी के साथ-साथ उन्हें तनुश्री के पिता का बॉडीगार्ड वाला रवैया भी पसंद नहीं, जो हर व़क्त उनके साथ साए की तरह मंडराते रहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले टीनू वर्मा से भिड़कर ममता कुलकर्णी ग़ायब हो गईं, तो मधुर भंडारकर पर आरोप लगाकर प्रीति जैन ने भी इंडस्ट्री को अपना दुश्मन बना लिया। लेकिन तनुश्री को अब भी कोई पछतावा नहीं है। वार्नर ब्रदर्स की ‘सास बहू और सैंसेक्स’ पाकर उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। अगर तनुश्री के क़रीबियों की मानें, तो उन्होंने नाना के साथ-साथ मराठी मुलगी उन राखी सावंत को भी एक झटके में सबक सिखा दिया है, जिन्होंने तनुश्री से एनओसी लिए बग़ैर अगले ही दिन ‘हॉर्न ओके प्लीज़’ का उनका गाना कर डाला। बहरहाल, यह तो तय है कि तनुश्री ज़िद्दी हैं। लेकिन वह कितनी सही हैं.. नाना सहित इंडस्ट्री सही है या कि इनमें से अब किसकी चलती है, यह निकट भविष्य में पता चल ही जाएगा।