bhaskar Web English
HomeNewsNational National

अधिक पेट्रोल फूंकते हैं अमेरिकी!

नई दिल्लीभारत-चीन के कारण पेट्रोलियम पदार्थो के दाम बढ़ने संबंधी अमेरिका का बयान सच्चई से परे है। एक भारतीय की तुलना में एक अमेरिकी 30 गुना अधिक तेल फूंकता है। इसके अलावा अमेरिका में कच्चे तेल की खपत सालाना 17 फीसदी की दर से बढ़ रही है, जबकि भारत और चीन में इसके बढ़ने की रफ्तार क्रमश: सात और 11 फीसदी है।

अंतरराष्ट्रीय तेल उत्पादक संघ की वर्ष 2006-07 की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में हर व्यक्ति एक साल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस समेत 3,429 किलो पेट्रोलियम पदार्थो का उपभोग करता है। भारत में प्रति व्यक्ति यह खर्च 100 किलो से भी कम है। यह पिछले पांच वर्षो का औसत है।

कच्चे तेल के मूल्य व प्रबंधन विषय पर हावर्ड यूनिवर्सिटी में शोध करने वाले पी. रमेश का कहना है कि अमेरिका को मालूम है कि दाम वायदा कारोबार के कारण बढ़ रहे हैं। कुंओं से निकलकर बाजार में पहुंचने तक 50 से अधिक लोग इसकी खरीद-बिक्री में कमाई करते हैं।

ये लोग कच्चे तेल के उत्पादन से नहीं जुड़े, बल्कि ये इसका वायदा कारोबार करते हैं। अमेरिका ने ही सबसे पहले कच्चे तेल का वायदा कारोबार शुरू किया था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: