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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़‘पंजाब यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस देने की मांग पूरी तरह सही है, क्योंकि पीयू का स्ट्रक्चर और कैरेक्टर पहले ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी की तरह है। सिर्फ पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस मिलना बाकी है।’ यह कहना है पीयू के लॉ डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. शशि के शर्मा का। प्रो. शर्मा पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टेटस देने की मांग को लेकर शुरू हुई क्रमिक भूख हड़ताल के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस बीच यह क्रमिक भूख हड़ताल 31वें दिन में प्रवेश कर गई।
प्रो. शर्मा ने कहा कि पीयू का स्ट्रक्चर और कैरेक्टर 1882 से ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी का रहा है। पीयू को एक्ट ऑफ पार्लियामेंट के तहत स्थापित किया गया है न कि एक्ट ऑफ स्टेट असेम्बली से। इसी तरह पीयू के चांसलर देश के वाइस प्रेजिडेंट है न कि राज्यों की यूनिवर्सिटीज की तरह गवर्नर। इस तरह पीयू पहले से सेंट्रल यूनिवर्सिटी के ढांचे के तहत काम कर रही है। भूख हड़ताल में बुधवार डॉ. विजय नागपाल, डॉ. एमएस बैंस, डॉ. गीता जोशी, डॉ. परमजीत कौर के अलावा 2 रिसर्च स्कॉलर बीके चावला और गोविंदर सिंह शामिल हुए।